नई दिल्लीः अडानी समूह की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र में बड़ा विस्तार करते हुए इंटेलीस्मार्ट (IntelliSmart) इंफ्रास्ट्रक्चर का पूर्ण अधिग्रहण करने का समझौता किया है। यह सौदा लगभग 3,050 करोड़ रुपये में किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए एक बाध्यकारी सिक्योरिटीज परचेज और सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट (SPSA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत इंटेलीस्मार्ट में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदी जाएगी।
NIIF और EESL की जॉइंट वेंचर कंपनी थी IntelliSmart
इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अब तक नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के संयुक्त उपक्रम के रूप में काम कर रही थी। यह कंपनी स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र में एक प्रमुख नाम मानी जाती है।
इस अधिग्रहण में न केवल इक्विटी शेयरों की खरीद शामिल है, बल्कि NIIF के पास मौजूद वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) का रिडेम्पशन भी शामिल है।
स्मार्ट मीटरिंग में सबसे बड़ी कंपनी बनने की ओर AESL
इस डील के बाद अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। कंपनी के पास पहले से ही 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों का नेटवर्क मौजूद है, जो इस अधिग्रहण के बाद और मजबूत होगा।
इंटेलीस्मार्ट का मौजूदा पोर्टफोलियो 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों का है, जो उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में फैला हुआ है।
3,050 करोड़ के सौदे में क्या शामिल ?
इस प्रस्तावित सौदे में इंटेलीस्मार्ट की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के साथ-साथ संबंधित वित्तीय दायित्वों का निपटान भी शामिल है। यह डील नियामकीय मंजूरी और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
कंपनी का मानना है कि इस अधिग्रहण से संचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और लागत प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा। AESL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी को भारत के पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के आधुनिकीकरण में मजबूत भूमिका निभाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित समाधान इस क्षेत्र के भविष्य को तय करेंगे।
कंपनी के अनुसार, इस सौदे से बड़े पैमाने पर संचालन लाभ, रखरखाव लागत में कमी और समेकित ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क का फायदा मिलेगा।
निवेशकों और भागीदारों ने बताया अहम कदम
इंटेलीस्मार्ट के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अनिल रावल ने कहा कि यह सौदा कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसने अपने सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजित किया है।
वहीं NIIF के प्रबंध भागीदार विनोद गिरि ने कहा कि इंटेलीस्मार्ट की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत में उभरते क्षेत्रों में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां बनाई और बढ़ाई जा सकती हैं।
EESL के सीईओ अखिलेश दीक्षित ने भी कहा कि संस्था भारत के ऊर्जा दक्षता और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब भारत में स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विस्तार कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील देश के ऊर्जा वितरण तंत्र को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।