इंदौरः भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स देशों की पांच दिवसीय कृषि बैठक मंगलवार से मध्य प्रदेश के इंदौर में शुरू हो गई। सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र से जुड़े वैश्विक और उभरते मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ खेती और किसानों के कल्याण जैसे विषय इस बैठक के केंद्र में रहेंगे।
बैठक के उद्घाटन सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्र ने किया। 11 जून तक चलने वाली कृषि कार्य समूह (एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप) की बैठकों में सदस्य देशों के अधिकारी विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।
खेती में तकनीक और नवाचार पर रहेगा विशेष फोकस
सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, अनुसंधान सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे विषय एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अलावा वैश्विक कृषि व्यापार को आसान बनाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और पोषण सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्य देशों के बीच विचार साझा किए जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण पर बनेगी साझा रणनीति
बैठक में बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होगी। साथ ही किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार के लिए अपनाए जा रहे सफल मॉडलों और नीतियों को साझा किया जाएगा।
जलवायु-अनुकूल स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देश अपने अनुभव और नवाचारों का भी आदान-प्रदान करेंगे।
12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की अहम बैठक
अधिकारियों के स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श के बाद 12 और 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री इंदौर में बैठक करेंगे। मंत्रिस्तरीय चर्चा के बाद सहमति बनने पर एक संयुक्त घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े साझा दृष्टिकोण और भविष्य की रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।
11 देशों का समूह है ब्रिक्स
ब्रिक्स वर्तमान में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। यह मंच आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कृषि, व्यापार, ऊर्जा और विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देता है।
इंदौर को मिली मेजबानी
देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। ऐसे में कृषि और किसान हितों पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है।