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पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह ने साहित्यिक संध्या को बनाया यादगार

देबाशीष चंदा को पिनाकी ठाकुर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, दरबार जायगा में 20 नई पुस्तकों का भव्य लोकार्पण

By रजनीश प्रसाद

Jan 30, 2026 21:48 IST

कोलकाता : दरबार जायगा के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य साहित्यिक आयोजन में कुल 20 नई पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर कविता, कथा, निबंध और गद्य की विविध विधाओं की रचनाएँ सामने आई जिसने समकालीन बांग्ला साहित्य की समृद्ध परंपरा को और सशक्त किया। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, लेखकों, कवियों और सांस्कृतिक जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही।

लोकार्पित पुस्तकों में अशित बारन चट्टोपाध्याय की हे तुच्छो, हे अपरिहार्य, सत्कर्णी घोष की ओशोमोये गुंचे अंधकार, बप्पादित्य रॉय बिस्वास की इहा गृहस्थो बाड़ी, सुप्रियो घोषाल की संलापेर माझरात और श्यामल मजुमदार की अस्थिर आकाश, रेशमी आलो प्रमुख रहीं। इसके अतिरिक्त अनिर्बान चौधुरी की अबैध्या, अतनु मंडल की ड्रीमिंग एंड लैंडिंग, इंद्रजीत सेन गुप्ता की प्रियो नारिदेर प्रति रवींद्र, किशोर घोष की चुंबनेर आगे स्टोपेज तथा अबंतिका पॉल की श्याम गान को भी पाठकों से सराहना मिली।

कार्यक्रम में तानिया दत्ता घोष की गल्प फोंटा टापुर टुपुर एवं एक मुठो समय, इप्शिता डे की रवि गानेर सुरो पोंजी, नबनीता मंडल की मेये जन्म, देब्राज अमीन की फोलो हारिणी अमावस्या और शंकर सरकार की निर्बाचित श्रेष्ठ कविता का भी लोकार्पण हुआ। सम्मेलन चक्रवर्ती, देबाशीष सेनगुप्ता, कौशिक लाहिड़ी तथा ब्रतती बंद्योपाध्याय और कृष्णा सरबरी दासगुप्ता की संयुक्त कृति भालोबाशा बाशी ने कार्यक्रम को विशेष आयाम दिया। इसके साथ ही ‘अमार प्रोथोम बोइमेला’ का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा। साहित्य और संस्कृति में दीर्घकालीन योगदान के लिए देबाशीष चंदा को पिनाकी ठाकुर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (जीवन कृति सम्मान) से सम्मानित किया गया, जिसे प्रतिष्ठित कवि प्रचेता गुप्ता ने प्रदान किया। वहीं गद्य लेखन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुबर्णा बसु को गद्य सम्मान दिया गया, जो त्रिदिप कुमार चट्टोपाध्याय एवं माननीय मंत्री द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। इसके अलावा रूपक चक्रवर्ती सम्मान से बारिश को सम्मानित किया गया, जिसे प्रसिद्ध कवि और गीतकार सृजाता ने प्रदान किया। पूरे आयोजन ने समकालीन साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा दी।

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पुस्तक मेले के समापन से पूर्व आयोजनकर्ताओं को मिला सम्मान, भव्य पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

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