जम्मू-कश्मीरः कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को इजरायल पर कुछ नियंत्रण रखना चाहिए ताकि ईरान के साथ दो सप्ताह का युद्धविराम (Ceasefire) सफल हो। उन्होंने बताया कि लेबनान में इजरायल की बमबारी और निर्दोष नागरिकों की मौत के कारण शांति समझौता जोखिम में है।
सीजफायर में असफलता का जिम्मेवार इजरायल
अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि यदि यह सीजफायर विफल होता है, तो इसका दोष केवल इजराइल पर होगा, न कि ईरान या किसी और पर। उन्होंने अमेरिका से आग्रह किया कि इजराइल पर संयम बरते। मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के धमकी भरे बयानों पर कहा कि उनकी भाषा राष्ट्रपति पद के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई और ऐसा करे तो सोशल मीडिया (Social Media) अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, लेकिन ट्रम्प के मामले में लोग डर के कारण कार्रवाई नहीं करते।
उमर ने कहा कि युद्ध ईरान (Iran) पर थोप दिया गया था। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को अमेरिकी जीत बताया जाना सही नहीं माना। युद्ध के बाद ईरान ने स्ट्रेट में टोल टैक्स लागू कर दिया। उन्होंने माना कि पाकिस्तान (Pakistan) ने मध्यस्थता में जो भूमिका निभाई, वह भारत (India) नहीं कर सका। उमर ने कहा, "हमारे इजरायल (Israel) के साथ करीबी संबंधों ने हमें यह भूमिका निभाने से रोक दिया।"
महिला आरक्षण बिल पर सवाल
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार और भाजपा (BJP) को स्पष्ट करना चाहिए कि पहले पारित महिला आरक्षण (Women's Reservation Bill) बिल में क्या कमी थी और नई बिल क्यों लाई जा रही है।
सीएजी की रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में 315 जलाशय और झीलों के गायब होने और 205 के सिकुड़ने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, भूमि दबाव और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक बैग का कम उपयोग करने की अपील की।
अब्दुल्ला ने पुरानी SRO 43 सहानुभूतिपूर्ण नियुक्ति योजना और RAS के तहत 90 नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह किसी पर उपकार नहीं, बल्कि कर्मचारियों के परिवारों की कठिनाइयों को कम करने के लिए था।