नई दिल्लीः असम, केरल और पुडुचेरी में गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और दिनभर वोटिंग प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी होती रही। चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक पुडुचेरी में 86.92 प्रतिशत, असम में 84.42 प्रतिशत और केरल में 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
असम: हाईटेक निगरानी के बीच जोरदार मतदान
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। राज्य में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई। चुनाव के सुचारू संचालन के लिए 1.51 लाख से अधिक पोलिंग कर्मियों की तैनाती की गई है।
केरल: महिला और युवा वोटरों की अहम भूमिका
केरल में 140 सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 2.6 करोड़ से अधिक मतदाता 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। कुल 2,69,53,644 मतदाताओं में 1.38 करोड़ से अधिक महिलाएं और 1.31 करोड़ से ज्यादा पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा, 18-19 आयु वर्ग के 4.24 लाख से अधिक युवा और 85 वर्ष से अधिक उम्र के 2 लाख से ज्यादा मतदाता भी चुनाव में भाग ले रहे हैं।
पुडुचेरी: सबसे ज्यादा मतदान, महिलाओं की मजबूत भागीदारी
पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां 10 लाख से अधिक मतदाता हैं। यहां सबसे अधिक 86.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल 10,14,070 मतदाताओं में 5.39 लाख से ज्यादा महिलाएं और 4.74 लाख से अधिक पुरुष शामिल हैं। युवा मतदाताओं की भी अच्छी भागीदारी रही, जिसमें 18-19 आयु वर्ग के 24 हजार से अधिक वोटर शामिल हैं।
दिग्गजों ने भी डाला वोट
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने मतदान कर लोगों को प्रेरित किया।
अब नजर नतीजों पर
तीनों राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है। उच्च मतदान प्रतिशत से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।