नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 अप्रैल को राजधानी के विज्ञान भवन में एक बड़े ‘महिला सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। इसे संसद के विशेष सत्र से पहले एक अहम पहल माना जा रहा है जिसमें महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होनी है।
सूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री महिलाओं की राजनीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को सामने रखेंगे। इस सम्मेलन में सभी महिला सांसदों को आमंत्रित किए जाने की संभावना है।
सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर विचार के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है। यह कदम देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बिल के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव है।
इसके बाद 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन लाने की तैयारी भी की जा रही है। माना जा रहा है कि इन बदलावों से कानून को लागू करने की प्रक्रिया और आसान होगी।
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में ‘महिला संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए अभियान तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य शहरों और गांवों में महिलाओं से सीधे जुड़ना उन्हें कानून की जानकारी देना और उनकी राय जानना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि यह ‘नारी शक्ति’ को मजबूत करेगा। उनके अनुसार जब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो शासन व्यवस्था अधिक संतुलित और समावेशी बनेगी।
कुल मिलाकर सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।