लगभग 2 साल पहले कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन में भाजपा के पार्टी ऑफिस में दिलीप घोष के कमरे से टीवी और AC हटा ली गई थी। उस समय दिलीप को स्पष्ट भाषा में यह समझा दिया गया था कि अब इस कमरे में उनकी कोई जगह नहीं है! लेकिन...
बुधवार को अमित शाह के साथ दिलीप घोष की बैठक के बाद प्रदेश भाजपा में राजनैतिक समीकरण ही बदल गया। मुरलीधर सेन लेन से 'बेघर' हुए दिलीप घोष को साल्टलेक में भाजपा के नए पार्टी ऑफिस में अपना अलग कमरा मिल गया है। बताया जाता है कि अब से वह नियमित रूप से उसी कमरे में बैठेंगे। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आधिकारिक तौर पर पार्टी ऑफिस के उस कमरे में ही बैठ गए।
उनसे मिलने कोलकाता और आस-पास के जिलों से भाजपा के पुराने नेता और कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे थे। दिलीप घोष ने बताया कि अगर वे कोलकाता में हैं तो दिन में कम से कम एक बार पार्टी ऑफिस जरूर जाएंगे। जानकारी के मुताबिक कि वे अगले दो दिन खड़गपुर में रहने वाले हैं। भाजपा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
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इत्तेफाक से उसी दिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की। भाजपा सूत्रों का दावा है कि दिलीप घोष का उपयोग विधानसभा चुनावों में कैसे किया जा सकता है, इस बात पर भी चर्चा हुई। हालांकि शमिक भट्टाचार्य ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दूसरी ओर दिलीप घोष ने शुक्रवार को एक बार फिर से संकेत दिया कि वह पार्टी द्वारा दी गई किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उनके एक करीबी भाजपा नेता का कहना है, "दिलीप घोष हमारी पार्टी के लिए एक संपत्ति की तरह हैं। अगर हम चुनाव से पहले उनका इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यह पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। एक समय था जब पार्टी ऑफिस में दिलीप घोष के कमरे को बंद करके उनकी बेइज्जती की गई थी। अब उन्हीं दिलीप के लिए सॉल्टलेक पार्टी ऑफिस में एक अलग कमरे का इंतजाम किया गया है। दिलीप घोष के लिए प्यार से बदला लेने का और क्या तरीका हो सकता है?"