न्यू मार्केट के स्थायी दुकानदारों ने फुटपाथ के हॉकरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हस्तक्षेप चाहते हैं। नए साल में मार्केट व आसपास के फुटपाथ हॉकरमुक्त होगा, इसी उम्मीद के साथ व्यापारियों का एक प्रतिनिधि दल हाल ही में नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलकर समस्या के बारे में बताया। हालांकि ममता ने उन्हें क्या कहा, यह स्पष्ट नहीं है। हॉग मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता का कहना है कि हमें बार-बार आश्वासन दिया गया है कि मार्केट के चारों ओर के फुटपाथ से हॉकर हट जाएंगे, जिसे कोलकाता नगर निगम और पुलिस ने भी यही कहा। इसके बावजूद इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, बल्कि फुटपाथ पर हॉकरों की तादाद भड़ी जी रही है।
कोलकाता के सबसे पुराने न्यू मार्केट (एसएस हॉग मार्केट) में से एक को 'ग्रेड वन' हेरिटेज बाजार के रूप में नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यहां के स्थायी दुकानदारों की लंबे समय से शिकायत है कि फुटपाथ के हॉकरों ने जिस तरह आस-पास की सड़कों को घेर रखा है, उसके कारण खरीदार बाजार के अंदर नहीं जा पा रहे हैं। इससे उनका व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। गुस्साए व्यवसायियों ने इस मामले में मेयर फिरहाद हकीम से भी शिकायत की है लेकिन समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
इस परिस्थिति में वे स्वयं मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं। वास्तव में, ममता के निर्देश पर ही लगभग एक साल पहले शहर के हर जगह ठेलों पर नियंत्रण करने का काम नगर निगम ने शुरू किया था। सड़कों पर पीली रेखाएं खींचकर निगम प्रशासन और पुलिस द्वारा ठेलों के बैठने के क्षेत्र निर्धारित किए गए थे। साथ ही यह बताया गया कि सड़क की पिचिंग वाले हिस्से पर कोई भी ठेलेवालों का काम नहीं कर सकेगा। इसके बाद तीन महीने तक तस्वीर बदल गई थी लेकिन दुर्गापूजा के मौके पर फिर से 'बैक टू स्क्वायर वन'! वर्तमान में एस्प्लानेड मेट्रो के सभी गेट के सामने फुटपाथ इस तरह से कब्जा कर लिया गया है कि राहगीरों का आना-जाना कठिन हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद ठेलेवालों की सर्वेक्षण भी नगर निगम ने शुरू की थी। कोलकाता में 56 हजार ठेलेवालों की पहचान करके प्रमाणपत्र देने का निर्णय लिया गया था। यह काम भी फिलहाल स्थगित है।
हॉकर संग्राम समिति के शक्तिमान घोष, हॉकर संयुक्त कार्य समिति के असित साहा का कहना है कि हॉकरों के नियंत्रण के लिए गठित टाउन वेंडिंग समिति के निर्देशों का पालन करते हुए कोलकाता की सड़कों पर हॉकरिंग करनी होगी। अगर कहीं निर्देशों का उल्लंघन होता है, तो समिति इस मामले की जांच करेगी और कार्रवाई करेगी। नगर निगम के हॉकर पुनर्वास परियोजना के मेयर परिषद सदस्य और विधायक देवाशीष कुमार कहते हैं, 'त्योहारों के मौसम में कुछ छूट दी गई थी। फिर हॉकर नियंत्रण के विषय में चर्चा शुरू होगी।