बीते साल का आखिरी दिन, 31 दिसंबर 2025, पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक रहा। बुधवार (31 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव IAS नंदिनी चक्रवर्ती ने अपना कार्यभार संभाल लिया। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने मुख्य सचिव का पद प्राप्त करने के लिए 8 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को पछाड़ा है।
कौन हैं IAS नंदिनी चक्रवर्ती?
Indian Express की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक IAS नंदिनी चक्रवर्ती 1994 बैच की IAS अधिकारी हैं। राज्य में अगले कुछ महीनों में ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे ठीक पहले उन्हें मुख्य सचिव का पद सौंपा गया है जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IAS नंदिनी चक्रवर्ती राज्य के गृह सचिव का पद संभाल रही थी। उन्होंने मनोज पंत से पदभार स्वीकार किया, जो 6 महीने के एक्सटेंशन के बाद 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए। पंत 1991 के बैच के IAS अधिकारी हैं जो 30 जून को रिटायर हो गए थे। इसके बाद 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक उन्हें एक्टेंशन दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मनोज पंत को मुख्य सचिव के रैंक के साथ मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।
2004 के बैच के IAS अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा, जो कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव के पद पर थे, ने नंदिनी चक्रवर्ती की जगह गृह सचिव का पद संभाला।
मीडिया रिपोर्ट में नवान्न के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नंदिनी चक्रवर्ती 1994 के बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 8 वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं। दावा किया जा रहा है कि नंदिनी चक्रवर्ती की गिनती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विश्वासपात्रों में होती है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2007-08 में सिंगूर और नंदीग्राम में जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण आंदोलन हुआ था उस समय नंदिनी चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) की प्रमुख थी। इसके बाद साल 2011 में तृणमूल की सरकार बनीं और नंदिनी चक्रवर्ती WBIDC के प्रमुख के पद पर बनीं रही।
कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख के पद पर रह चुकी IAS नंदिनी चक्रवर्ती को राज्यपाल का सचिव भी नियुक्त किया था। हालांकि बाद में राज्यपाल सीवी आनंद बोस के उनके रिश्तों में आयी खटास के बाद उन्हें उस पद से हटाकर उद्योग विभाग में भेज दिया गया।