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इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौत ने बंगाल में बढ़ायी चिंता, मंत्री ने किया आश्वस्त

हालांकि इस घटना से बंगाल का कोई लेना-देना नहीं है लेकिन इस घटना ने लोगों को परेशान कर दिया है।

By Ayantika Saha, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 03, 2026 13:29 IST

मध्य प्रदेश के इंदौर में जहरीला पानी पीने की वजह से कम से कम 14 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि अभी भी 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह नगर पालिका द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पानी के जहरीला होने की वजह से यह घटना घटी है। हालांकि इस घटना से बंगाल का कोई लेना-देना नहीं है लेकिन इस घटना ने लोगों को परेशान कर दिया है।

लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि कोलकाता नगर पालिका (KMC), KMDA या PHE से पाइपलाइन के माध्यम से पानी घर-घर में आपूर्ति की जा रही है, वह कितना सुरक्षित है? कहीं इंदौर की तरह यहां भी पानी में जहर होने की कोई संभावना तो नहीं है?

राज्य के जनस्वास्थ्य और तकनीकी विभाग के मंत्री पुलक रॉय ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल राज्य में हर घर में पीने का पानी बहुत अच्छे तरीके से आपूर्ति की जाती है। उस पानी की नियमित रूप से जांच की जाती है। इसमें कहीं कोई कोताही नहीं बरती जाती है।

पुलक ने इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने पुलक रॉय के ही चुनावी क्षेत्र उलुबेरिया दक्षिण विधानसभा केंद्र में पार्टी की एक बैठक में दावा किया था कि इंदौर देश का सबसे अच्छा शहर है। पुलक ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने सारे लोगों की मौत के बाद अब सुकांत (मजूमदार) क्या कहेंगे?

अलग-अलग नगर पालिकाओं के चेयरमैन का कहना है कि पीने के पानी की आपूर्ति की पहले से ही साल भर मॉनिटरिंग होती है। मध्य प्रदेश की घटना से सीख लेकर इसे और बढ़ाया जा रहा है। उलुबेरिया नगर पालिका के चेयरमैन अभय दास ने कहा कि दक्षिण जगदीशपुर जल परियोजना से उलुबेरिया नगर पालिका के 32 वार्ड में पानी की आपूर्ति की जाती है। जलापूर्ति करने से पहले नगर पालिका के इंजीनियर इसकी अच्छी तरह जांच करते हैं।

श्रीरामपुर नगर पालिका के चेयरमैन इन काउंसिल (जल) गौरमोहन दे का कहना है कि जिस प्लांट से हमें पानी मिलता है वहां बाहर से किसी को भी आने की इजाजत नहीं है। दिन के चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी पहरा देते हैं। पानी की जांच के लिए हमारी अपनी लैब है।

वहीं हुगली के वैद्यबाटी के मेयर पिंटू महतो का कहना है कि मध्य प्रदेश में पेयजल के जहरीले होने से हुई मासूमों की मौतों ने हमें सच में परेशान किया है। हम पानी को लोगों के घरों में भेजने से पहले उसकी जांच करते हैं। उन्होंने बताया कि हर 15 दिन में पीने के पानी का सैंपल बैरकपुर की एक निजी लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।

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