कोलकाताः राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को और सुरक्षित, पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने राज्य के दुर्गम और प्रांतिक क्षेत्रों में डिसेंट्रलाइज्ड हियरिंग सेंटर (SIR) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत कुल 160 नए सुनवाई केंद्र खोलने का प्रस्ताव है।
इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले और गांव के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले मतदाता लंबी दूरी तय किए बिना अपनी शिकायत और मुद्दों को सुनवाई में रख सकें। सबसे अधिक केंद्र दार्जिलिंग (39) और अलिपुरद्वार (38) में खोले जाएंगे। बाकी के केंद्र झाड़ग्राम, कालिम्पोंग, पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, नदीया, हावड़ा, पश्चिम बर्धमान, उत्तर 24 परगना और जलपाईगुड़ी जिलों में स्थित होंगे।
निर्देशों में आयोग ने यह भी साफ किया है कि सभी सुनवाई केंद्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो, ताकि सुनवाई शांति और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सके। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बाहरी प्रभाव या दबाव से प्रक्रिया प्रभावित न हो। यह कदम विशेष रूप से इसलिए उठाया गया है ताकि दुर्गम और प्रांतिक क्षेत्रों के मतदाता बिना किसी परेशानी के सुनवाई में भाग ले सकें।
इसी के साथ, आयोग ने राज्य में तैनात विशेष पर्यवेक्षक सी मुरुगन की सुरक्षा में चूक पर चिंता जताते हुए DGP से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई और भविष्य में संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य के सभी DEO को अब साप्ताहिक आधार पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति की रिपोर्ट CEO कार्यालय को भेजने का निर्देश भी दिया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग को जानकारी दी जाएगी, ताकि चुनाव सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से संपन्न हो। राज्य निर्वाचन आयोग का यह कदम आगामी चुनावों को मतदाता केंद्रित, जागरूक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।