घूमने के लिए कहीं बाहर जाना हो या ऑफिस टूर पर जाना हो...मोबाइल, उसका चार्जर, एयरपॉड के साथ जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चीज याद आती है वह है पावर बैंक। रास्ते में चलते फिरते हो या लंबा सफर तय करना हो, अगर पास में पावर बैंक हो तो टेंशन जैसी कोई बात ही नहीं होती है।
लेकिन पिछले कुछ समय से फ्लाइट में पावर बैंक में आग लग जाने या धुआं निकलने जैसी कई घटनाओं के सामने आने के बाद डिरेक्टोरेट जनरल ऑफ सीविल एविएशन (DGCA) ने कड़ा रुख अपनाया है।
हाल ही में मीडिया में कुछ ऐसी खबरें सामने आयी हैं जिसमें कहा जा रहा है कि फ्लाइट में मोबाइल चार्ज करने वाले पावर बैंक को लेकर चढ़ने पर बैन लगा दिया गया है। क्या यात्री विमान में पावर बैंक लेकर ही नहीं चढ़ पाएगा? पावर बैंक को लेकर क्या है DGCA का बदला हुआ नियम?
क्या पावर बैंक लेकर चढ़ने पर ही लगी रोक?
सुनने में भले ही ऐसा लगे कि यात्री को फ्लाइट में पावर बैंक लेकर चढ़ने पर ही रोक लगा दी गयी है लेकिन असलियत में ऐसा नहीं है। दरअसल, यात्री अपने बैग में पावर बैंक लेकर चढ़ तो सकता है लेकिन वह फ्लाइट में मोबाइल को चार्ज नहीं कर सकता है। यानी फ्लाइट में पावर बैंक को बैग में रखने की अनुमति है लेकिन उससे मोबाइल चार्ज करने की अनुमति नहीं है। यात्री पावर बैंक को सिर्फ अपने हैंड बैगेज में रख सकता है उसे ओवरहेड बिन में रखने की अनुमति भी नहीं है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पावर बैंक में लिथियम बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। DGCA ने अपने नए निर्देश में कहा है कि लिथियम बैटरी की वजह से आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए उड़ान के दौरान विमान में यात्रियों को पावर बैंक का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गयी है।
साथ ही बताया गया है कि ओवरहेड बिन में रखने पर आग लगने जैसी घटना होने पर वहां तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सकता है। इसलिए यात्रियों से कहा गया है कि वे सिर्फ अपने हैंडबैग में ही पावरबैंक लेकर फ्लाइट में चढ़े।
DGCA की नई एडवाइजरी में यात्रियों को दी गयी हिदायत
DGCA की नई एडवाइजरी में यात्रियों को सख्त हिदायत दी गयी है कि अगर डिवाइस ओवर हिट होने लगे या धुआं निकलता दिखाई दे तो तुरंत रिपोर्ट करें। साथ ही एयरलाइंस के क्रु से इस बाबत यात्रियों में जागरूकता जगाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। DGCA ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि यात्री विमान में चढ़ने से पहले अपना मोबाइल चार्ज कर ले अथवा एयरलाइंस द्वारा सीट पर उपलब्ध करवाए गए चार्जिंग प्वाएंट्स का इस्तेमाल करें।