काठमांडू : एक टिकटॉक वीडियो को लेकर धार्मिक तनाव भड़कने के बाद नेपाल के मधेश प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। धनुषा जिले के जनकपुर और पर्सा जिले के बीरगंज में हुई घटनाओं के बाद प्रशासन ने पूरे प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा है।
अधिकारियों के अनुसार धनुषा जिले की कमला नगरपालिका में दो समुदायों के बीच विवाद उस समय शुरू हुआ जब टिकटॉक पर डाले गए एक वीडियो में कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणियाँ की गईं। यह विवाद देखते ही देखते विरोध प्रदर्शनों में बदल गया और इसका असर बीरगंज और जनकपुर तक फैल गया।
बताया गया है कि धनुषा के जनकपुर में हैदर अंसारी और अमानत अंसारी नामक दो युवकों ने टिकटॉक पर एक वीडियो अपलोड किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस वीडियो से धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। इसके बाद दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। धनुषा पुलिस के प्रवक्ता और उप पुलिस अधीक्षक गणेश बाम ने बताया कि टिकटॉक वीडियो पोस्ट करने और तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल होने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कमला नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना के बाद तनाव और बढ़ गया। इसके विरोध में बीरगंज समेत आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हुए जहाँ प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और नारेबाजी की। बीरगंज के छपकैया ईदगाह चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पाँच राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
पर्सा पुलिस प्रमुख सुदीप्रज पाठक ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। झड़प के दौरान सात पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। प्रशासन ने बताया कि न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया। घटनाओं के बाद मधेश प्रदेश के सभी आठ जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है।