ढाका: बांग्लादेश के चालू (2026) शैक्षणिक सत्र में कुछ पाठ्यपुस्तकों में संशोधन करते हुए मोहम्मद यूनुस की सरकार ने शेख मुजीबुर रहमान के 1971 के ऐतिहासिक 7 मार्च के भाषण से जुड़े अध्याय को हटा दिया है। इसके स्थान पर जुलाई आंदोलन का पाठ शामिल किया गया है। इसी भाषण के माध्यम से शेख मुजीब ने व्यावहारिक रूप से पाकिस्तान से स्वतंत्रता की घोषणा की थी।
यूनेस्को ने 30 अक्टूबर 2017 को शेख मुजीबुर रहमान के इस भाषण को ‘डॉक्यूमेंटरी हेरिटेज’ (विश्व प्रामाणिक धरोहर) का दर्जा दिया था। पाकिस्तान सेना की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह 18 मिनट का भाषण ही मूल रूप से बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शेख मुजीब ने रणनीतिक रूप से स्वतंत्रता की घोषणा कर दी लेकिन हम कुछ भी नहीं कर सके।
पिछले वर्ष भी यूनुस प्रशासन ने पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किया था। उस संशोधन के बाद भी शेख मुजीब का 7 मार्च का भाषण पाठ्यपुस्तकों में बना रहा। यहाँ तक कि पाठ्यपुस्तक संशोधन समिति की सिफारिशों में भी इस भाषण को शामिल रखने का उल्लेख था लेकिन चालू वर्ष की छपाई में इस ऐतिहासिक भाषण को हटाकर 2024 के जुलाई आंदोलन का पाठ जोड़ दिया गया है।
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तक बोर्ड (एनसीटीबी) के सूत्रों के अनुसार जनआंदोलन के बाद पाठ्यपुस्तकों में कई तरह के संशोधन किए गए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की पुस्तकों से शेख मुजीब से जुड़ी अतिशयोक्तिपूर्ण जानकारी हटाने के लिए माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा निदेशालय (माउशी) की ओर से लिखित निर्देश भेजा गया था। इसके बाद एनसीटीबी ने यह संशोधन प्रक्रिया शुरू की।