🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

नए साल पर फूटे पटाखों ने फिर से बढ़ायी कोलकाता की मुश्किलें, दम घोंट रहा है बढ़ा हुआ प्रदूषण का स्तर

इस साल पटाखों की वजह से कोलकाता की हवा इतनी ज्यादा प्रदूषित हो गयी है कि अब तो ठीक से सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है।

By Moumita Bhattacharya

Jan 04, 2026 12:05 IST

बीते साल (2025) को विदा कर नए साल का स्वागत करने की खुशी में जमकर फोड़े गए पटाखे। आतिशबाजी की रोशनी से 31 दिसंबर-1 जनवरी को कोलकाता का आसमान जगमगा उठा था। लेकिन अब उसकी कीमत महानगरवासियों को चुकानी पड़ रही है। सर्दियों के मौसम में हवा भारी होती है जिस वजह से प्रदूषण का स्तर थोड़ा ज्यादा ही रहता है। लेकिन इस साल पटाखों की वजह से कोलकाता की हवा इतनी ज्यादा प्रदूषित हो गयी है कि अब तो ठीक से सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है।

बुधवार (31 दिसंबर) की रात से लेकर गुरुवार (1 जनवरी) की अहले सुबह तक कोलकाता व उपनगरीय इलाकों में जमकर पटाखे फोड़े गए। इस वजह से हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गयी थी। हालांकि समय के साथ शनिवार को गुणवत्ता थोड़ी बेहतर जरूर हुई लेकिन सर्दी का मौसम होने की वजह से प्रदूषित कण हवा के नीचले हिस्से में ही मौजूद हैं, ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं।

इस वजह से हवा की गुणवत्ता (AQI) में जिस रफ्तार से सुधार हो रहा है वह संतोषजनक नहीं माना जा रहा है। शनिवार को रवींद्रभारती यूनिवर्सिटी और जादवपुर इलाके में सूक्ष्म कण PM (पार्टीकुलर मैटर) 2.5 की उपस्थिति काफी ज्यादा मापी गयी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से मिले आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को जादवपुर की हवा में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 164 दर्ज की गयी थी जो रात को फोड़े गए पटाखों की वजह से गुरुवार को 253 पर पहुंच गयी थी। उसी तरह से बुधवार की सुबह विक्टोरिया मेमोरियल परिसर का AQI 144 दर्ज किया गया था जो गुरुवार को 231 पर पहुंच गया। शनिवार को जादवपुर का AQI 269 और विक्टोरिया मेमोरियल का AQI 243 दर्ज किया गया।

कैसा है रविवार का हाल?

CPCB से मिले आंकड़ों के अनुसार रविवार की सुबह 11 बजे कोलकाता में सबसे ज्यादा प्रदूषित जगह रवींद्रभारती यूनिवर्सिटी के आसपास का इलाका रहा। रवींद्रभारती का AQI 300 दर्ज किया गया। वहीं जादवपुर का AQI 276 रहा। रविवार की सुबह विक्टोरिया मेमोरियल के आसपास का AQI 259 दर्ज किया गया जिसे खराब श्रेणी का माना जाता है। उसी तरह से बालीगंज का AQI 241 दर्ज किया गया।

सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता में गिरावट आती है लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इस सीजन में कोलकाता में हवा की गुणवत्ता ठीक-ठाक स्तर की ही रही है। ठंड के पूरे मौसम के दौरान कोलकाता का औसत AQI 200 से ऊपर नहीं गया था लेकिन...!

नव वर्ष का स्वागत करने के चक्कर में पूरा समीकरण ही उल्टा पड़ गया। 1 जनवरी के बाद से ही स्थिति बिगड़नी शुरू हो गयी। शनिवार को भी परिस्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी है जिस वजह से डॉक्टरों की चिंताएं भी अब बढ़ने लगी है। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों में कोलकाता निवासियों में सांस की तकलीफें बढ़ रही हैं।

डॉक्टरों को आशंका है कि सर्दियों में मौसम के भारी होने की वजह से प्रदूषण की मात्रा को घटने में समय लगता है। वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात बन रहा है जिसकी वजह से कोलकाता समेत तटवर्तीय इलाकों में कोहरा बढ़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो प्रदूषण को नियंत्रित करने में और भी अधिक समय लगने की आशंका जतायी जा रही है।

Prev Article
बार काउंसिल की मतदाता सूची में नाम जोड़ने की समय-सीमा बढ़ी, बोर्ड की भूमिका पर उठे सवाल
Next Article
सप्ताह के पहले दिन ही कोलकाता मेट्रो की ब्लू लाइन पर यात्री सेवाएं प्रभावित

Articles you may like: