कोलकाताः आरजी कर अस्पताल भ्रष्टाचार मामले में आखिरकार अख्तर अली ने सरेंडर कर दिया।वे आरजी कर के पूर्व डिप्टी सुपर, नॉन मेडिकल थे। मंगलवार सुबह वे अलीपुर विशेष CBI अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचे। जिस भ्रष्टाचार मामले के 'व्हिसल ब्लोअर' अख्तर थे, उस मामले की जांच में CBI को उनके नाम पर भी कई जानकारी मिली। CBI की चार्जशीट में भी अख्तर अली का नाम आया है। आरजी कर भ्रष्टाचार मामले में आरोपी अख्तर अली कहाँ है, यह सीबीआई को नहीं पता था। आरोप है कि उनका नाम सीबीआई की सप्लीमेंटरी चार्जशीट में होने के बावजूद, वह बार-बार हाज़िरी से बचते रहे हैं। पिछले शुक्रवार को अलीपुर अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आरोप है कि उनका नाम सीबीआई की सप्लीमेंटरी चार्जशीट में होने के बावजूद, उन्होंने बार-बार हाजिरी देने से बचा। उन्होंने कोलकाता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दी थी, लेकिन वह खारिज कर दी गई। इस बीच अख्तर अली हावड़ा के एक नर्सिंग होम में भर्ती थे। शनिवार को अचानक वे अलीपुर अदालत में आत्मसमर्पण करने आए। हालांकि अख़्तर अली बिना किसी को बताए शनिवार को कोर्ट आए थे। उनके पास CBI के वकील और उनका खुद का वकील भी नहीं थे। इसलिए वे उस दिन आत्मसमर्पण नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने कहा कि वह सोमवार, 9 फरवरी को आएंगे लेकिन 9 फरवरी को न आकर मंगलवार यानी 10 फरवरी को उन्होंने सरेंडर किया।
आरजी कर अस्पताल में वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तालतल्ला थाने में अख़्तर अली ने शिकायत दर्ज की थी। संदीप घोष के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। राज्य विजिलेंस कमीशन को उन्होंने 2023 में लिखित शिकायत भी भेजी थी। वहां 15 अनियमितताओं का जिक्र किया था। इसके बाद उन्हें मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
2024 में 9 अगस्त को नर्सिंग छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या की घटना सामने आने के बाद से ही भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई जांच का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया। अख़्तर अली के आरोप को ध्यान में रखते हुए संदीप घोष को भी गिरफ्तार किया गया। हालांकि फिलहाल वह जमानत पर हैं।