मंगलवार को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के हेलीकॉप्टर की अनुमति को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गयी। अभिषेक बनर्जी को हेलीकॉप्टर से बीरभूम जाते समय उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हेलीकॉप्टर की अनुमति को लेकर वह काफी देर तक बेहला फ्लाइंग क्लब में फंस गए थे।
हालांकि बाद में कुछ बातचीत के बाद अनुमति दे दी गयी। इस वजह से सांसद निर्धारित समय से काफी देर बाद बीरभूम के लिए निकल सकें थे। हालांकि तृणमूल इस घटना के पीछे भाजपा की साजिश होने का आरोप लगा रहा है।
तृणमूल का आरोप है कि DGCA के अधिकारी ने आखिरी मिनट में हेलीकॉप्टर की अनुमति देने में देर की। उनका आरोप है कि इसमें भाजपा का हाथ है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। तृणमूल का दावा है कि भाजपा के डर से ही तृणमूल के अभियान को DGCA ने प्रभावित करने की कोशिश की।
आरोप लगाया जा रहा है कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अपने निर्धारित समय पर बैठक में नहीं पहुंच सकें और उनकी सभा रद्द हो जाए इसकी कोशिश की जा रही है। भले ही आखिरकार अनुमति दे दी गयी लेकिन तृणमूल शिविर इस समस्या को बिल्कुल भी छोटा नहीं मान रहा है।
बताया जाता है कि सभा के लिए रवाना होने से पहले ही हेलीकॉप्टर की अनुमति का मामला सामने आ गया था। इस वजह से सभा को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तय किया गया था कि अगर हेलीकॉप्टर की अनुमति नहीं मिली तो अभिषेक बनर्जी सड़क मार्ग से ही बीरभूम के लिए निकल जाएंगे। ऐसे में कार्यक्रम में कुछ बदलाव होने की संभावना भी बन गयी थी। हालांकि आखिर में हेलीकॉप्टर की अनुमति मिल जाने से बैठक को लेकर अनिश्चितता पूरी तरह दूर हो गई।