नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात स्थापित संसदीय परंपरा के तहत संसद जाने से पहले हुई।
राष्ट्रपति भवन जाने से पहले वित्त मंत्री ने कर्तव्य भवन में अपने कार्यालय के बाहर बजट तैयार करने वाली टीम के साथ पारंपरिक फोटो सेशन में हिस्सा लिया। मैजेंटा रंग की सिल्क साड़ी में सजी सीतारमण, अपने मंत्रालय के राज्य मंत्री, छह सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय प्रतीक से सजे लाल पाउच में टैबलेट थामे नजर आईं।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कैबिनेट बैठक में भाग लिया, जहां 2026-27 के बजट को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।
सीतारमण ने 2019 में शुरू की गई परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी बजट भाषण ‘बही-खाता’ में लेकर जाने का निर्णय लिया है, जिससे ब्रीफकेस की पुरानी परंपरा को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया गया।
यह बजट उनके कार्यकाल का लगातार नौवां बजट होगा। इसमें सरकार से विकास की रफ्तार बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन को संतुलित रखने और वैश्विक व्यापार तनाव-खासतौर पर अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों-से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने वाले सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
FY27 का बजट ऐसे समय में आ रहा है जब घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और महंगाई में कुछ नरमी दिखी है, लेकिन वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियां अनिश्चितता बढ़ा रही हैं। देश के भीतर सरकार पर खपत बढ़ाने, रोजगार सृजन को गति देने और पूंजीगत व्यय बढ़ाने का दबाव है, वहीं राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।