नयी दिल्लीः सरकार ने FY27 बजट में माइक्रोवेव ओवन के घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) छूट की घोषणा की। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम सीधे तौर पर घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करेगा और भारत में बने माइक्रोवेव ओवन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। Haier India के अध्यक्ष एन. एस. सतीश ने कहा कि इससे घटकों की सोर्सिंग और लोकलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा।
मूल्य पर असर मामूली
विशेषज्ञों का अनुमान है कि कस्टम ड्यूटी में यह छूट माइक्रोवेव ओवन की खुदरा कीमत पर सिर्फ मामूली प्रभाव डालेगी। Haier India ने स्पष्ट किया कि “इससे कीमतों में बहुत कम अंतर आएगा।” LG Electronics India और Panasonic India ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे “स्थानीय निर्माण को मजबूत करने वाला और उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी” बताया।
बाजार संभावनाएं और विस्तार
भारत में वर्तमान में माइक्रोवेव ओवन का बाजार लगभग 22 लाख यूनिट का है और अगले पांच वर्षों में 8 प्रतिशत से अधिक की CAGR के साथ बढ़ने का अनुमान है। शहरों में शहरीकरण और छोटे परिवारों की संख्या बढ़ने से यह वृद्धि प्रेरित होगी। मुख्य खिलाड़ी जैसे LG, Haier, IFB, Panasonic, Whirlpool, Godrej और Bajaj Electricals इस बाजार में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
उत्पादन और निर्यात पर दीर्घकालिक प्रभाव
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, घटकों पर ड्यूटी में राहत न केवल स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि माइक्रोवेव निर्यात के अवसरों को भी बढ़ाएगी। Godrej Appliances के कमल नंदी ने कहा कि यह कदम भविष्य में भारत में उत्पादन को बढ़ावा देगा क्योंकि वर्तमान में अधिकांश माइक्रोवेव ओवन आयातित हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कहा कि यह छूट उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मूल्य वर्धन और विनिर्माण दक्षता को मजबूत करने के लिए है। उनके अनुसार, इससे उपभोक्ताओं को उन्नत तकनीक वाली घरेलू उपकरणों की बेहतर उपलब्धता और किफायती कीमत मिल सकेगी।