नयी दिल्लीः केंद्रीय बजट 2026-27 ने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को मजबूती देने के साथ सीमेंट उद्योग के लिए नए अवसर खोल दिए हैं। बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय, टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ध्यान, लॉजिस्टिक्स सुधार और पर्यावरणीय तकनीकों में निवेश से सीमेंट की दीर्घकालिक मांग को बढ़ावा मिलेगा। Cement Manufacturers’ Association (CMA) का कहना है कि ये पहलें उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को मजबूत करेंगी।
बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि
केंद्रीय बजट 2026-27 को सीमेंट उद्योग के लिए विशेष अवसरों वाला माना जा रहा है। CMA के अनुसार, बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करना सीधे तौर पर निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों में गतिविधियों को तेज करेगा। इससे सीमेंट की मांग दीर्घकालिक रूप से बढ़ेगी और उद्योग को स्थिर अवसर मिलेंगे।
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस
बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है और City Economic Regions (CERs) के निर्माण की योजना है। CMA का कहना है कि इससे महानगरों से बाहर निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आवास, परिवहन और औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश बढ़ेगा, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में सीमेंट की मांग स्थिर और व्यापक होगी।
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी सुधार
बजट में लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के उपाय भी सीमेंट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं। नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, 20 अतिरिक्त राष्ट्रीय जलमार्ग, कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम, शिप रिपेयर इकोसिस्टम और सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से माल ढुलाई की लागत घटेगी और आपूर्ति दक्षता बढ़ेगी। CMA के अनुसार इससे उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और उत्पादन केंद्रों से ग्राहकों तक सामग्री पहुंचाना आसान होगा।
पर्यावरणीय सुधार और CCUS निवेश
बजट में CCUS (Carbon Capture, Utilisation & Storage) के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। CMA ने इसे उच्च उत्सर्जन वाले उद्योगों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। यह पहल तकनीकी और लागत संबंधी चुनौतियों को कम करने के साथ-साथ सीमेंट उद्योग को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाएगी। CMA के अनुसार, यह कदम भारत के नेट जीरो 2070 लक्ष्य को हासिल करने में भी उद्योग की मदद करेगा।
निवेश और रोजगार के अवसर
CMA के अध्यक्ष पार्थ जिंदल और उपाध्यक्ष डॉ. राघवपत सिंघानिया ने बताया कि बजट की पहलें न केवल निवेश और रोजगार बढ़ाएंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी मजबूत करेंगी। सीमेंट उत्पादन केंद्र विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का आधार बनते हैं, जिससे निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यटन, स्वास्थ्य और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर
बजट में पर्यटन, सांस्कृतिक और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्तर-पूर्वी और पूर्वोदय क्षेत्र में कनेक्टिविटी, जिला अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। CMA के अनुसार इन पहलों से देशभर में निर्माण गतिविधियों को और विस्तार मिलेगा और सीमेंट उद्योग को व्यापक और दीर्घकालिक विकास के अवसर प्राप्त होंगे।
वित्तीय अनुशासन और आर्थिक स्थिरता
CMA ने बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के प्रयासों को भी सराहा है। 2026-27 के लिए अनुमानित 4.3% GDP का राजकोषीय घाटा निवेशकों का भरोसा मजबूत करता है और आर्थिक स्थिरता बनाए रखता है।
CMA का निष्कर्ष है कि केंद्रीय बजट 2026-27 इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति का मुख्य स्तंभ बनाता है। बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय, शहरी विस्तार, लॉजिस्टिक्स सुधार और पर्यावरणीय तकनीकों में निवेश सीमेंट उद्योग को टिकाऊ, स्थिर और दीर्घकालिक विकास के अवसर प्रदान करेगा।