गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, खाद्य प्रदाताओं, महिला शक्ति और दिव्यांगजन को भारत के विकास एजेंडा के केंद्र में रखा गया है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर राष्ट्र के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा सुधारों का एजेंडा
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा आम जनता को प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में यह बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए सुधार एक्सप्रेस को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवीं बार बजट पेश करने पर बधाई दी।
तीन कर्तव्यों पर आधारित बजट, समाज के स्तंभ होंगे मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह बजट तीन मुख्य कर्तव्यों के इर्द-गिर्द केंद्रित है और इसका उद्देश्य समाज के प्रमुख स्तंभों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, गरीब, युवा, खाद्य प्रदाता, महिला शक्ति और दिव्यांगजन के स्तंभों को इस बजट के माध्यम से मजबूत किया जाएगा। साथ ही यह बजट सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास करता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
पटेल ने कहा कि बुनियादी ढांचे, उद्योग, अत्याधुनिक तकनीक, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पर विशेष फोकस से आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई पर दिया गया जोर छोटे और सूक्ष्म उद्योगों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन गुजरात के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेंगे।
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डांकुनी से सूरत तक प्रस्तावित समर्पित फ्रेट कॉरिडोर राज्य के व्यापार, उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र को तेज लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
टेक्सटाइल, केमिकल और बायोफार्मा सेक्टर को मजबूती
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात का टेक्सटाइल सेक्टर बजट में घोषित छह योजनाओं से लाभान्वित होगा। इसके अलावा तीन केमिकल पार्कों की घोषणा और बायोफार्मा उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान से इन क्षेत्रों में गुजरात की स्थिति और मजबूत होगी।
नगरपालिकाओं और शहरी विकास को बढ़ावा
पटेल ने कहा कि गुजरात नगरपालिका बॉन्ड जारी करने में देश में अग्रणी रहा है और बजट में घोषित प्रोत्साहनों का लाभ राज्य की नगरपालिकाओं को भी मिलेगा। उन्होंने पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों को सिटी इकोनॉमिक रीजन के रूप में विकसित करने की योजना का स्वागत किया, जिससे एकीकृत शहरी विकास को गति मिलेगी।
पर्यटन और विरासत को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन और विरासत के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोथल और धोळवीरा को पुरातात्विक विरासत क्लस्टर पर्यटन कार्यक्रम में शामिल करने से गुजरात में विरासत और विकास के दृष्टिकोण को साकार किया जा सकेगा। इसके अलावा 10,000 पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षित करने की योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वित्त मंत्रालय ने बताए बजट के तीन ‘कर्तव्य’
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है और यह तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। मंत्रालय के अनुसार पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और स्थायी बनाना, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना तथा वैश्विक अस्थिरता से निपटने की क्षमता विकसित करना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि की यात्रा में मजबूत भागीदार बन सकें। तीसरा कर्तव्य सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच मिले।
बजट के प्रमुख आंकड़े
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बजट में अकर्ज-रहित राजस्व का अनुमान 36.5 लाख करोड़ रुपये और कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। केंद्र का नेट कर राजस्व 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये और डेटेड सिक्योरिटीज से नेट बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, अकर्ज-रहित राजस्व के संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये हैं, जिनमें केंद्र का नेट कर राजस्व 26.7 लाख करोड़ रुपये शामिल है।