कोलकाता : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने और इलाज को आम लोगों के लिए आसान बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।
बजट में देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की घोषणा की गई है। इन केंद्रों में जांच की आधुनिक सुविधाएं, इलाज के बाद देखभाल, पुनर्वास सेवाएं और आयुष केंद्र होंगे। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और डॉक्टरों, नर्सों तथा तकनीकी कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।
सरकार दवाओं की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं और आयुष फार्मेसियों को भी बेहतर बनाएगी। गुजरात के जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को भी मजबूत किया जाएगा। साथ ही आयुर्वेद की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे।
सरकार ने बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत देश में दवाओं के निर्माण और शोध को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ देने का फैसला किया है। इससे नई दवाओं को मंजूरी मिलने में कम समय लगेगा और देश में दवाएं बनाना आसान होगा। आम मरीजों को राहत देते हुए सरकार ने 17 जरूरी कैंसर दवाओं पर पूरी कस्टम ड्यूटी हटाने की घोषणा की है। इससे कैंसर का इलाज सस्ता होने की उम्मीद है। दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए भी विशेष मदद देने का प्रावधान किया गया है।
इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरक्षा क्लिनिक एंड डायग्नोस्टिक्स के चेयरमैन और संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि कैंसर की दवाओं पर टैक्स हटाना एक अच्छा और जरूरी फैसला है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर दिया गया ध्यान भी समय के अनुसार सही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी पर और बेहतर तरीके से काम किया जा सकता था।
बजट में एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए संस्थान खोलने और पुराने संस्थानों को बेहतर बनाने की बात कही गई है। अगले पांच साल में करीब एक लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा उत्तर भारत में निमहांस 2.0 नाम से एक नया मानसिक स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा और जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026–27 को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मरीजों को राहत देने वाला बजट माना जा रहा है।