🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर सीआईआई पूर्वी क्षेत्र के उद्योग जगत ने जताया भरोसा

हाई-स्पीड रेल, औद्योगिक गलियारे और जलमार्ग से पूर्वी भारत बनेगा विकास इंजन

By रजनीश प्रसाद

Feb 01, 2026 21:37 IST

कोलकाता : केंद्रीय बजट 2026 - 27 को लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के पूर्वी क्षेत्र के उद्योग नेताओं ने एक स्वर में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उद्योग जगत का मानना है कि यह बजट नीति-निरंतरता, आर्थिक स्थिरता और संतुलित क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करता है जिससे पूर्वी भारत, पूर्वोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र को नई विकास गति मिलेगी।

सीआईआई पूर्वी क्षेत्र के चेयरमैन तथा आरपी संजीव गोयनका समूह के वाइस चेयरमैन शश्वत गोयनका ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में नीति स्थिरता और निरंतरता पर जोर दिया गया है जिससे उद्योगों को दीर्घकालिक दृष्टि और भरोसा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ एमएसएमई हैं और तरलता, इक्विटी तथा पेशेवर सहयोग पर आधारित तीन-स्तरीय रणनीति “चैंपियन एमएसएमई” विकसित करने में सहायक होगी। दुर्गापुर से प्रस्तावित ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और औद्योगिक गलियारों में 4,000 ई-बसों की घोषणा से क्षेत्रीय संपर्क और सतत परिवहन को बल मिलेगा। रांची और तेजपुर में निमहांस-2 संस्थानों तथा क्षेत्रीय आपातकालीन और ट्रॉमा केयर संस्थानों की स्थापना से समावेशी स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।

सीआईआई पूर्वी क्षेत्र के डिप्टी चेयरमैन तथा टेगा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं समूह सीईओ मेहुल मोहनका ने कहा कि ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर और स्थायी चुंबकों पर दिया गया जोर खनन और अनुसंधान को बढ़ावा देगा। उन्होंने वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और डानकुनी–सूरत समर्पित फ्रेट कॉरिडोर को पूर्वी क्षेत्र के लिए “गेम चेंजर” बताया। राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और हरित परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्वी भारत में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया।

सीआईआई पश्चिम बंगाल राज्य परिषद के चेयरमैन देबाशीष दत्ता ने कहा कि तटीय शिपिंग, हाई-स्पीड रेल और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। परिषद के वाइस चेयरमैन तथा वुडलैंड्स हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ रूपक बरुआ ने बताया कि बजट में सभी प्रमुख क्षेत्रों को समाहित किया गया है और राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इलाज से आगे बढ़कर वेलनेस और प्रिवेंटिव केयर पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सीआईआई पूर्वी क्षेत्र के पूर्व चेयरमैन और बंधन समूह के चेयरमैन चंद्र शेखर घोष ने बजट को वित्तीय क्षेत्र की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड्स और जेम के माध्यम से एमएसएमई को तरलता उपलब्ध कराने तथा पीएफसी और आरईसी के पुनर्गठन को अहम कदम बताया। सीआईआई पूर्वी क्षेत्र बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं उपसमिति के चेयरमैन विजय मुर्मुरिया ने भी कहा कि विकसित भारत बैंकिंग समिति और पूंजी बाजार सुधारों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआईआई पश्चिम बंगाल हेल्थकेयर टास्कफोर्स के चेयरमैन प्रशांत शर्मा और सह-चेयरमैन अयनभ देबगुप्ता ने आयुष, बायोफार्मा, निमहांस-2 तथा रांची और तेजपुर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन का स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार उपसमिति के चेयरमैन सुमित गोयल ने कहा कि बजट निर्यात को मजबूत कर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगा।

खनन और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े विवेक भाटिया, प्रीतीश चौधरी और रवि तोदी ने पूंजीगत व्यय, हाई-स्पीड रेल, जहाज निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर को उद्योग और रोजगार के लिए लाभकारी बताया। स्टार्टअप उपसमिति के चेयरमैन रोहित सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग योजना को ₹40,000 करोड़ तक बढ़ाने को सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए निर्णायक कदम बताया।

शिक्षा और कौशल विकास पर प्रदीप अग्रवाल ने समर्थ 2.0, आईएसएम 2.0 और औद्योगिक गलियारों के पास विश्वविद्यालय टाउनशिप की सराहना की। वहीं विनिता बजोरिया, रमेश अग्रवाल, डॉ. सुदीप्त नारायण रॉय और प्रोसेनजीत सेनगुप्ता ने एमएसएमई, वस्त्र, आयुष, मेडिकल टूरिज्म, सेमीकंडक्टर और डिजिटल नवाचार से जुड़े प्रावधानों को पूर्वी भारत के लिए रोजगार, निवेश और सतत विकास को गति देने वाला बताया।

उद्योग जगत का समग्र मत है कि केंद्रीय बजट 2026-27 पूर्वी भारत को देश की आर्थिक प्रगति का मजबूत इंजन बनाने की दिशा में एक निर्णायक और दूरदर्शी कदम है।

Next Article
बजट 2026 में GCC टैक्स और कम्प्लायंस सुधारों से पूर्वी भारत बना ग्लोबल टेक हब

Articles you may like: