🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

Budget 2026 में टैक्स सुधारः इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, लेकिन कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए

TCS में कमी, नई डेडलाइन और टैक्स-फ्री कम्पेंसेशन के ऐलान से टैक्स फाइलिंग को बनाया गया आसान।

By अंशुमान गोस्वामी, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 01, 2026 14:35 IST

नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 का बजट पेश करते हुए, आम टैक्सपेयर्स के लिए कई बड़े सुधारों की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी बदलाव का ऐलान नहीं किया, लेकिन टैक्स प्रोसेस को सरल बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

नया इनकम टैक्स एक्ट और डेडलाइन में बदलाव

निर्मला सीतारमण ने बजट में 1 अप्रैल, 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू करने का ऐलान किया। इसके तहत, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की अंतिम तारीख पहले की तरह 31 जुलाई ही रहेगी। वहीं, नॉन-ऑडिटेड बिजनेस और ट्रस्ट के लिए यह तारीख 31 अगस्त तक रहेगी। इसके अतिरिक्त, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को हर साल 31 मार्च तक बढ़ाया जाएगा, हालांकि, इसके लिए 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा।

विदेशी रेमिटेंस और टूर पैकेज पर TCS में कमी

बजट में विदेशी टूर पैकेज और रेमिटेंस पर TCS को घटाकर 2 प्रतिशत करने का ऐलान किया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत तक था। अब यह बिना किसी लिमिट के लागू होगा। इसके अतिरिक्त, शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भेजी गई रकम पर TCS को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे विदेशी दौरे और मेडिकल, एजुकेशन खर्चों पर टैक्स पेमेंट में आसानी होगी।

एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स छूट और छोटे निवेशकों के लिए राहत

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मिले इंटरेस्ट पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं कटेगा। वहीं, CDSL और NSDL अब फॉर्म 15G और 15H स्वीकार करेंगे, जिससे एलिजिबल कम इनकम वाले निवेशकों के लिए TDS के गैर-जरूरी कटौती की समस्या कम होगी।

विदेशी संपत्तियों के लिए स्पेशल डिस्क्लोजर स्कीम

निर्मला सीतारमण ने विदेशी संपत्तियों के लिए एक स्पेशल डिस्क्लोजर स्कीम की घोषणा की। यह स्कीम NRI और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए होगी। इसके तहत, 6 महीने की अवधि में अनडिक्लेयर्ड एसेट्स और संपत्तियों का खुलासा किया जा सकेगा। इस स्कीम में दो कैटेगरी बनाई गई हैं:

कैटेगरी A: अगर अनडिक्लेयर्ड एसेट्स 1 करोड़ रुपये तक हैं तो टैक्स और पेनल्टी 60 प्रतिशत होगी।

कैटेगरी B: अगर इनकम डिक्लेयर्ड है, लेकिन एसेट्स डिक्लेयर्ड नहीं हैं, तो 5 करोड़ रुपये तक के मामले में 1 लाख रुपये की फीस लगेगी।

इन दोनों मामलों में प्रोटेक्शन दिया जाएगा और टैक्सपेयर्स को केस और पेनल्टी से राहत मिलेगी।

असेसमेंट और पेनल्टी की प्रक्रिया में सुधार

बजट में असेसमेंट और पेनल्टी की प्रक्रिया को तेज़ और सरल किया गया है। प्री-डिपॉजिट 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, कुछ छोटे अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करके उन्हें फाइन में बदला जाएगा।

मॉडर्न और फ्रेंडली टैक्स सिस्टम की दिशा में एक कदम

निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट के जरिए सरकार टैक्स सिस्टम को ज्यादा मॉडर्न, आसान और टैक्सपेयर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। इन सुधारों से आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, और छोटे निवेशकों के लिए टैक्स फाइलिंग का अनुभव बेहतर होगा।

2026 के बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन TCS में कमी, नया टैक्स एक्ट, और आसान टैक्स फाइलिंग की दिशा में कई बड़े सुधार किए गए हैं। सरकार के इन कदमों से देश के टैक्स सिस्टम को ज्यादा सुलभ और आसान बनाने का प्रयास किया गया है। ये बदलाव टैक्सपेयर्स को राहत देंगे और आर्थिक विकास की दिशा में सकारात्मक असर डालेंगे।

Next Article
बजट 2026 में GCC टैक्स और कम्प्लायंस सुधारों से पूर्वी भारत बना ग्लोबल टेक हब

Articles you may like: