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बंगाल के अलावा 3 राज्यों में भी चुनाव, केरल–तमिलनाडु–असम को बजट में क्या मिला? क्या दिखी चुनावी रणनीति?

तमिलनाड़ु, केरल और असम के लिए केंद्र ने क्या-क्या घोषणाएं की हैं?

By अमर्त्य लाहिड़ी, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 01, 2026 18:25 IST

नई दिल्ली: 2026 का केंद्रीय बजट लोकलुभावन नहीं बल्कि सुधार और आत्ममंथन का मिश्रण है। ऐसा दावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में जिन चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, यह बजट उन्हें ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

शिलिगुड़ी–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डानकुनी में फ्रेट कॉरिडोर और दुर्गापुर में औद्योगिक कॉरिडोर जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल को मिले हैं। इससे बंगाल के मतदाताओं का मन कितना भरेगा, यह समय बताएगा लेकिन बंगाल के अलावा तमिलनाडु, केरल और भाजपा शासित असम में भी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में सवाल है कि इन तीन राज्यों को बजट में क्या मिला।

सम: बौद्ध सर्किट और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

भाजपा शासित असम के लिए केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा बौद्ध सर्किट विकास परियोजना है। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के साथ-साथ असम के बौद्ध मठों और मंदिरों के संरक्षण तथा तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की बात कही गई है। इसके अलावा:

1. तेजपुर स्थित नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट को रीजनल एपेक्स इंस्टिट्यूट में उन्नत किया जाएगा।

2. पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुगंधित अगर लकड़ी की खेती और उसके प्रसार के लिए विशेष सहायता दी जाएगी।

तमिलनाडु और केरल: सेमीकंडक्टर के बाद अब रेयर अर्थ कॉरिडोर :-

दक्षिण भारत के ये दोनों राज्य भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे हैं। इस बार केंद्र ने आर्थिक विकास का दांव खेला है।

रेयर अर्थ कॉरिडोर

खनिज संसाधनों से समृद्ध तमिलनाडु और केरल में खनन, प्रोसेसिंग और रिसर्च के लिए विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य की तकनीकों के लिए यह कॉरिडोर बेहद अहम साबित हो सकता है।

हाई-स्पीड रेल

घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो तमिलनाडु को मिलेंगे। चेन्नई को आईटी हब बेंगलुरु और हैदराबाद से जोड़ा जाएगा।

कोकोनट प्रमोशन स्कीम

नारियल उत्पादन में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। इस उद्योग से जुड़े करीब 3 करोड़ लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने पुराने नारियल के पेड़ों को बदलकर नए पौधे लगाने और उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इससे केरल और तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन में प्रकृति पर जोर

केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।

1. तमिलनाडु के पुलिकट झील में पक्षी दर्शन ट्रेल विकसित किया जाएगा।

2. केरल के तट पर समुद्री कछुओं को देखने के लिए विशेष ट्रेल बनाया जाएगा।

3. पश्चिमी घाट की पोथिगा मलै क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रेकिंग और हाइकिंग डेस्टिनेशन बनाया जाएगा।

बुनियादी ढांचा और शहरीकरण

चुनाव वाले राज्यों के दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों और मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक स्मार्ट सिटी में बदलने का वादा बजट में किया गया है। जैसे पश्चिम बंगाल को डानकुनी–सूरत फ्रेट कॉरिडोर मिला है, वैसे ही दक्षिणी राज्यों को भी लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने की योजना इस बजट में शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल के साथ-साथ इन राज्यों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर जोर देकर केंद्र सरकार मतदाताओं तक विकास का संदेश पहुंचाना चाहती है। अब देखना यह है कि वित्त मंत्री की ये घोषणाएं ईवीएम पर कितना असर डाल पाती हैं।

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