पणजी : पुलिस और स्थानीय निवासियों के सूत्रों से पता चला है कि सैमुअल स्थानीय कॉलेज का दूसरे वर्ष का छात्र था। वह अपनी माँ और दो बहनों के साथ रहते थे। कुछ दिन पहले उसे अपने घर का कचरा प्लास्टिक में लपेटकर सड़क के किनारे फेंकते देखा गया था। उस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। कई लोगों ने सैमुअल के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की थी।
वीडियो वायरल होने के बाद सैमुएल के खिलाफ गोवा पुलिस ने भी मामला दर्ज किया। बाद में उन्हें नोटिस भी भेजा गया। पुलिस ने बताया कि सैमुएल जांच में सहयोग कर रहे थे। समन भेजे जाने के बाद उन्होंने अधिकारियों के सामने हाज़िरी भी दी। लेकिन उसके बाद भी सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर ट्रोलिंग बंद नहीं हुई। बल्कि यह लगातार बढ़ती रही। पूरे मामले में वह मानसिक पीड़ा में थे।
इसी बीच शनिवार को सैमुएल के घर से गोलियों की आवाज सुनकर उनके परिवार के लोग दौड़े। पड़ोसी भी वहां इकट्ठा हो गए। वे घर में जाकर देखते हैं कि सैमुएल लख़्त से भरे हालत में फर्श पर पड़े हैं। तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने सैमुएल को मृत घोषित कर दिया।
जानकारी मिली है कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपने परिवार के वैध आग्नेयास्त्र से अपनी जान समाप्त कर दी। किस परिस्थिति में यह घटना हुई, इसे पुलिस देख रही है। वायरल वीडियो, पुलिस की कार्रवाई और उस छात्र की मौत में कोई सीधे संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन उनके परिवार के सदस्यों का दावा है कि वीडियो वायरल होने के बाद से ही वह मानसिक रूप से टूट चुके थे। इस घटना में अस्वाभाविक इस घटना में असामान्य मृत्यु का मामला दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू की हैं।