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10 साल की मन्नत के बाद जन्मा बच्चा, 6 महीने में बंद हो गई सांस, इंदौर के जहरीले पानी ने छीन ली मासूम की ज़िंदगी

'मेरा बच्चा चला गया… नहीं पता और कितनी निर्दोष जानें जाएंगी।'

By अमर्त्य लाहिड़ी, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 02, 2026 13:01 IST

इंदौर: 10 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा और मन्नतों के बाद एक मां को बेटा मिला था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने पल भर में उसकी गोद सूनी कर दी। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक छह महीने का शिशु भी शामिल है। मासूम की मां साधना साहू का दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा। उन्होंने कहा, “मेरा बच्चा तो चला गया। नहीं जानती और कितनी निर्दोष जानें जाएंगी।”

साधना साहू का आरोप है कि उन्होंने कई दिनों तक इंदौर नगर निगम में शिकायत की थी। नल से आने वाला पानी बेहद गंदा था और उसमें बदबू भी आ रही थी। मजबूरी में उसी पानी से दूध घोलकर बच्चे को पिलाया गया। इसके बाद बच्चे को तेज उल्टी और डायरिया शुरू हो गया। पहले सरकारी और फिर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया लेकिन बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। केवल छह महीने का बच्चा ही नहीं, साधना साहू की 10 साल की बेटी को भी पेट दर्द की शिकायत हुई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जोनल अधिकारी और एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। हालांकि सवाल अब भी बना हुआ है, इतनी जानें जाने के बाद ही प्रशासन क्यों जागा?

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