नई दिल्ली: 2025 में देश के यात्री वाहनों के बाजार ने नया इतिहास रचा है। उद्योग सूत्रों का अनुमान है कि पिछले कैलेंडर वर्ष में देश में वाहन कंपनियों ने अपने डीलर नेटवर्क के माध्यम से रिकॉर्ड 45.5 लाख चारपहिया वाहन बेचे, जो 2024 की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष के पहले भाग में मांग कुछ धीमी रही लेकिन बाद के चरण में GST 2.0 लागू होने के बाद बाजार में गति आई। इस अभूतपूर्व बिक्री की यही मुख्य प्रेरक शक्ति है।
पिछले वर्ष मारुति सुज़ुकी इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टोयोटा कीलॉस्कर मोटर और व्होडा ऑटो इंडिया जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड वार्षिक बिक्री ने समग्र रूप से वाहन उद्योग को पिछले उच्चतम स्तर 43.05 लाख (2024) से ऊपर जाने में मदद की।
विशेष रूप से देशी निर्माता महिंद्रा और टाटा मोटर्स बिक्री के आधार पर लंबे समय से दूसरे स्थान पर रही हुंडई मोटर इंडिया को पीछे छोड़कर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त कर चुके हैं जिससे हुंडई चौथे स्थान पर आ गई है। खरीदारों में SUV वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता पिछले वर्ष देखी गई। कुल बिक्री का 55.8 प्रतिशत SUV थी जो 2024 में 53.8 प्रतिशत थी। इसी के साथ GST 2.0 चरण में छोटे वाहनों के बाजार में भी फिर से बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। मारुति सुज़ुकी ने अकेले 2025 में 18.44 लाख वाहन बेचे जो उनके पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गया है।
कंपनी के शीर्ष अधिकारी पार्थ बंद्योपाध्याय के अनुसार GST में कमी, 12 लाख रुपये तक की आय पर करमुक्ति और रेपो रेट में कमी जैसे कई कारकों के संयुक्त प्रभाव से अक्टूबर के बाद बाजार में तेजी आई। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्र ने बताया कि SUV की मांग और पर्यावरण अनुकूल तकनीक की ओर झुकाव ने वाहन उद्योग को आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही कंपनी लगातार पांच वर्षों से रिकॉर्ड संख्या में वाहन बेच रही है जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी सर्वाधिक रही।
महिंद्रा, टोयोटा, स्कोडा और JSL MG मोटर ने भी पिछले वर्ष अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिए। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान अनुकूल परिस्थितियों के बनाए रहने और अच्छी बारिश होने पर 2026 में भी यात्री वाहनों के बाजार में 6-7 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।