रियाद: बुधवार को एशियन चैंपियंस लीग 2 में आर्कादाग के खिलाफ अल नासर का मुकाबला है। क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की दौड़ में यह मैच बेहद अहम है। हालांकि इस मैच में भी स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के खेलने पर संशय बना हुआ है। उन्होंने सऊदी प्रो लीग के पिछले दो मैचों में अल नासर की ओर से हिस्सा नहीं लिया था। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने खिलाड़ियों के साइनिंग और क्लब में वित्तीय निवेश की नीति को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो वह क्लब और लीग दोनों छोड़ सकते हैं। अब इस मुद्दे पर सऊदी प्रो लीग प्रबंधन सामने आया है और स्पष्ट किया है कि कोई भी खिलाड़ी क्लब या लीग से बड़ा नहीं होता।
रोनाल्डो को सऊदी प्रो लीग का संदेश
सऊदी प्रो लीग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लीग बेहद सरल नियमों के आधार पर संचालित होती है और सभी क्लब उन्हीं नियमों के तहत चलते हैं। अल नासर से जुड़ने के बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो का क्लब के साथ गहरा संबंध बना है। अल नासर की प्रगति और सऊदी प्रो लीग की लोकप्रियता बढ़ाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है लेकिन कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, क्लब से ऊपर होकर फैसले नहीं ले सकता। इस बयान के बाद फुटबॉल विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि रोनाल्डो की अल नासर या सऊदी प्रो लीग छोड़ने की धमकी को अधिक तवज्जो नहीं दी गई है।
रोनाल्डो क्लब क्यों छोड़ना चाहते हैं?
सऊदी प्रो लीग में पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड नाम की संस्था अल हिलाल, अल नासर, अल इत्तिहाद और अल अहली इन चार क्लबों का संचालन करती है। ट्रांसफर विंडो में कौन सा क्लब कितनी राशि खर्च कर सकता है, यह भी इसी निवेश पर निर्भर करता है। रोनाल्डो ने इसी व्यवस्था में पक्षपात का आरोप लगाया है। लीग तालिका में फिलहाल अल हिलाल शीर्ष पर है। हाल ही में अल इत्तिहाद से करिम बेंजेमा को साइन कर उन्होंने अपनी टीम और मजबूत कर ली है, जिससे खिताबी दौड़ में बाकी टीमों पर बढ़त बन गई है। वहीं दूसरी ओर ट्रांसफर विंडो में अल नासर ने केवल एक खिलाड़ी को साइन किया है। पर्याप्त वित्तीय निवेश न मिलने के कारण टीम की मजबूती प्रभावित हुई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर रोनाल्डो असंतुष्ट बताए जा रहे हैं।