कोलंम्बोः श्रीलंका क्रिकेट अपनी पुरानी चमक खो चुका है। एक समय की विश्व चैंपियन टीम अब हार से बचने के लिए मैदान में उतरती नजर आती है। विश्व कप, एशिया कप या चैंपियंस ट्रॉफी हर बड़े टूर्नामेंट में तस्वीर लगभग एक जैसी रही है। अब श्रीलंका उस तस्वीर को बदलने के लिए बेताब है। इसी मकसद से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल किया है।
7 फरवरी से टी20 विश्व कप की शुरुआत हो रही है। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने के इरादे से श्रीलंकाई टीम पूरी तरह तैयार है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने अफगानिस्तान की राह अपनाई है। पिछले कुछ विश्व कपों में अफगानिस्तान ने यह रणनीति अपनाई थी मेजबान देश के पूर्व खिलाड़ियों को अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल करना। जैसे 2023 में अजय जडेजा और 2024 में ड्वेन ब्रावो को जोड़ा गया था। अब वही मॉडल श्रीलंका ने अपनाया है।
विक्रम राठौर एक सफल कोच माने जाते हैं। वह 2024 में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच थे। श्रीलंका अब उसी अनुभव का फायदा उठाना चाहता है। राठौर 15 जनवरी से टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। 7 फरवरी को श्रीलंका अपना पहला विश्व कप मुकाबला खेलेगा। उससे पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगा।
विक्रम राठौर को 2021 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में भारत 2023 के वनडे विश्व कप में उपविजेता बना और 2024 का टी20 विश्व कप जीतने में सफल रहा। टीम इंडिया की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद वह न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ी कोच भी बने। आईपीएल 2025 में वह राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा रहे हैं।