हरारे : महज 13 साल की उम्र में वैभव ने जो मिसाल कायम की उसके बाद हर मैच में उस पर खास नजर रहती है और ज़्यादातर मौकों पर वह दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता है। इस बार भी कुछ अलग नहीं हुआ। अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में विस्फोटक पारी खेलकर उसने विश्व क्रिकेट में हलचल मचा दी। इंग्लैंड के खिलाफ उतरते हुए वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रनों की धमाकेदार पारी खेली और इस दौरान कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।
14 वर्षीय वैभव ने इस पारी में 218 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उसकी पारी में 15 चौके और उतने ही 15 छक्के शामिल थे। यह अंडर-19 विश्व कप में दूसरी सबसे तेज सेंचुरी और सबसे तेज 150 रन हैं। इसके साथ ही यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल का भी सबसे तेज शतक है। उसने महज 55 गेंदों में 100 रन पूरे किए।
वैभव ने मचाया तहलका
फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर टीम इंडिया के कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। कप्तान का यह फैसला सही साबित किया वैभव सूर्यवंशी ने। पहली ही गेंद से उसने शानदार लय दिखानी शुरू कर दी और इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण के साथ मानो खेल करता रहा। एरन जॉर्ज भले ही सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए हों लेकिन वैभव की पारी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। वह एक छोर से लगातार तूफानी बल्लेबाजी करता रहा।
सबसे तेज 150 रन
अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में वैभव सूर्यवंशी सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। 14 वर्षीय इस बल्लेबाज ने सिर्फ 71 गेंदों में 150 रन पूरे किए। इसके अलावा वह अंडर-19 स्तर पर एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाला बल्लेबाज भी बन गया। इसके साथ ही उसने 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2008 में माइकल हिल ने नामीबिया के खिलाफ अपनी तूफानी पारी में 12 छक्के लगाए थे।