कोलकाताः सोमवार की सुबह कई मायनों में बहुत खास थी। ईडन गार्डन्स की हवा में उत्साह और गर्व का मिलाजुला एहसास था। क्रिकेट वर्ल्ड कप में इटली की टीम के लिए खेल रहे ग्रांट स्टुअर्ट का पहला मैच देखने के लिए उनका परिवार स्टेडियम पहुंचा हुआ था।
ग्रांट का परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता है। उनके पिता टेरी स्टुअर्ट ने बताया, “मैं ऑस्ट्रेलियन हूं, मेरी पत्नी इटैलियन। ग्रांट इस वजह से इटली की ओर से खेलते हैं कि वह अपनी मातृभूमि की विरासत को आगे बढ़ा सके। हमने तय किया कि ग्रुप लीग के सभी मैच देखेंगे, लेकिन उसके वर्ल्ड कप डेब्यू को शुरू से देखना हमारे लिए खास था। हम इस रोमांच का इंतजार नहीं कर सके और पहले ही मैदान पर पहुंच गए।”
मैच शुरू होने में लगभग 45 मिनट बाकी था। अपने बेटे ग्रांट का डेब्यू मैच देखने के लिए उनके पिता टेरी स्टुअर्ट और उनके परिवार के करीबी लोग समय से पहले ही इडन गार्डेन स्टेडियम पहुंच गये। उन्होंने मैदान के बाहर अपने बेटे के डेब्यू मैच शुरू होने का इंतजार किया।
इटली के कोच जॉन डेविसन ने ग्रांट की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारी टीम में कई ऑलराउंडर हैं। यही हमारी ताकत है। ग्रांट भी एक ऑलराउंडर हैं। वह फास्ट-मीडियम राइट-आर्म बॉलिंग करते हैं, मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हैं। बचपन में उन्होंने विकेटकीपिंग और लेग स्पिन भी की, लेकिन अब पूरी तरह पेसर बन गए हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा टीम के लिए अहम है।”
मैच की शुरुआत इटली के कैप्टन वेन मैडसेन के टॉस जीतने के साथ हुई। अली हसन ने बॉलिंग की शुरुआत की और इसके बाद ग्रांट दूसरे बॉलर के रूप में मैदान में उतरे। टेरी स्टुअर्ट ने अपने बेटे को खेलते हुए देखा और उनकी आंखों में गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। यह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
मैदान पर मौजूद दर्शकों और परिवार ने मिलकर इस उत्सव को और खास बना दिया। ईडन में यह परिवार और उनके साथ आए लोग यह याद दिला रहे थे कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है, बल्कि परिवार, विरासत, संस्कृति और सपनों का संगम भी है।
ग्रांट का यह डेब्यू सिर्फ इटली के लिए महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि उनके परिवार और ऑस्ट्रेलियाई-पारिवारिक जुड़ाव की कहानी भी दर्शाता है। स्टुअर्ट परिवार के लिए यह सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं और विरासत का अनुभव था।