अर्घ्य बंद्योपाध्याय
"दादा क्या अब सीएबी के प्रेसिडेंट हैं! एक बार उनसे मुलाकात हो सकती है?”
सौरव गांगुली को एक बार देखने की यह बेचैन इच्छा जिस शख्स की आवाज में सुनाई दी, वह आज इतिहास के बिल्कुल सामने खड़ा है। आज सोमवार को ईडन गार्डन्स में टी20 विश्व कप में पहली बार खेलने उतर रही है फुटबॉल की धरती इटली। उस टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में एक हैं तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह, जो कुछ साल पहले तक पंजाब के फगवाड़ा में रहते थे। ईडन के क्लब हाउस में खड़े होकर जसप्रीत ने साफ कहा, "मैं सिर्फ खेलने के लिए नहीं आया हूं, कुछ कर दिखाना चाहता हूं।"
पूरी इटली टीम की सोच भी जैसे इसी कुछ कर दिखाने के इरादे से जुड़ी हुई है। इटली टीम के मीडिया मैनेजर रकबीर हसन बांग्लादेशी हैं। कई साल पहले वे इटली चले गए थे। सिर्फ गए ही नहीं, अंपायरिंग का कोर्स करके वहां अलग-अलग मैचों में अंपायरिंग भी कराते हैं। हंसते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां शायद क्रिकेटरों से ज्यादा अंपायर हैं। मैंने तो वहां अंपायरिंग सिखाने का एक ट्रेनिंग सेंटर भी खोल रखा है। जसप्रीत इंग्लैंड के बर्मिंघम में क्रिकेट खेलते हैं। पहले वे उबर चलाते थे। उन्होंने कहा कि विश्व कप से पहले हम पांच लोग तैयारी के लिए श्रीलंका गए थे। कुछ खिलाड़ी दुबई में थे। पूरी तैयारी के साथ ही हम यहां आए हैं। मैं जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी देखकर सीखने की कोशिश करता हूं।
जसप्रीत ने 11 साल की उम्र में पंजाब छोड़ दिया था। शुरुआत में वे फुटबॉल खेलते थे लेकिन वहां भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के दोस्तों के साथ मिलकर क्रिकेट खेलने लगे। बुमराह के साथ-साथ धोनी और युवराज के भी प्रशंसक जसप्रीत हंसते हुए बोले, मेरे माता-पिता ने मेरी शादी जल्दी करवा दी थी, ताकि मैं क्रिकेट की लत में ज्यादा न डूब जाऊं। अब हालांकि मुझे विश्व कप खेलते देखकर वे बहुत खुश हैं। इटली के कोच जॉन डेविसन पहले कनाडा की ओर से विश्व कप खेल चुके हैं। 42 साल के कप्तान वेन मैडसेन दक्षिण अफ्रीका की ओर से हॉकी खेलते थे। दोनों की बातों में एक ही सुर है, इस विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन कर इटली में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाना चाहते हैं।
मैडसेन ने आगे कहा कि हम अभी तक फुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं। मार्च में होने वाला प्ले-ऑफ आखिरी मौका है। हम चाहते हैं कि क्रिकेट में ऐसा कुछ करें, जिससे हमारी फुटबॉल टीम भी प्रेरणा ले सके। फुटबॉल ही हमारा असली खेल है। मैं खुद फ्रांसेस्को तोत्ती का प्रशंसक हूं। अगर फुटबॉल विश्व कप में इटली बनाम स्कॉटलैंड का मैच होता, तो स्टेडियम खचाखच भर जाता लेकिन ईडन में भी इस मुकाबले को लेकर उत्साह कम नहीं है। कोलकाता में इटली फुटबॉल के कई प्रशंसक हैं। वे क्रिकेट के लिए भी आज मैदान में आकर गला फाड़ना चाहते हैं और अगर पहले ही मैच में जीत मिल जाती है, तो ईडन के इतिहास में एक और मील का पत्थर जुड़ जाएगा।