इस्लामाबादः पाकिस्तान और ICC के बीच हुई हालिया मीटिंग के बाद क्रिकेट गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है। लाहौर में हुई इस अहम बैठक के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि आखिर इस खींचतान में पलड़ा किसके पक्ष में झुकेगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC के सामने कई शर्तें रखीं, जिनमें बांग्लादेश से जुड़ा मामला सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा। अब इस मुद्दे पर ICC का जवाब सामने आ गया है।
ICC ने क्यों ठुकराई पाकिस्तान की मांग?
टेलीकॉम एशिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने ICC के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें डिविडेंड की राशि बढ़ाने, भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान हाथ मिलाने जैसे प्रोटोकॉल और बांग्लादेश से जुड़ी आर्थिक शर्तें शामिल थीं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट में दावा किया गया कि PCB ने ICC से बांग्लादेश की आय को लेकर बातचीत की थी और उसकी आमदनी बढ़ाने की मांग रखी थी। हालांकि ICC ने इस पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि बांग्लादेश को कोई अतिरिक्त या विशेष भुगतान नहीं दिया जाएगा।
डॉन के मुताबिक, ICC ने साफ शब्दों में कहा, “बांग्लादेश को एक्स्ट्रा पैसे देने का कोई प्लान नहीं है, लेकिन उसे ICC की आय में उसका पूरा निर्धारित हिस्सा मिलेगा।”
PCB की नाराजगी और BCCI पर आरोप
इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ICC के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। PCB का आरोप है कि ICC में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का प्रभाव जरूरत से ज्यादा है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, PCB ने ICC से कहा है कि वह अपने फैसलों में राजनीति को शामिल न करे और किसी एक बोर्ड को असामान्य प्राथमिकता न दे।
भारत-पाक मैच और बांग्लादेश विवाद का कनेक्शन
सूत्रों के अनुसार, भारत के वर्ल्ड कप मैचों के बॉयकॉट की धमकी के पीछे एक वजह ICC का बांग्लादेश को लेकर लिया गया यही फैसला भी है। पाकिस्तान इस बात से भी असहज है कि भारत, बांग्लादेश के भारत में खेलने की मांग का समर्थन कर रहा है।
जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान जानबूझकर इस मुद्दे को जटिल बना रहा है। हालांकि पाकिस्तान को यह पता है कि अगर भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता है तो इससे ICC को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश को लेकर उठी यह बहस अब सिर्फ आर्थिक मसले तक सीमित नहीं रही। यह बहस अब ICC की नीति, बोर्डों के आपसी रिश्तों और विश्व क्रिकेट की राजनीति का हिस्सा बनती जा रही है।