कोलकाताः T20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबलों में ‘छोटी’ कही जाने वाली टीमें जीत दर्ज नहीं कर पाई हैं। हालांकि, नेपाल, नीदरलैंड और अब इटली जैसी टीमों ने अपने जज्बे से सभी का ध्यान खींचा है। इसी क्रम में सोमवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में स्कॉटलैंड और इटली के बीच मुकाबला खेला गया। यह मैच इटली के लिए खास था, क्योंकि टीम पहली बार वर्ल्ड कप के मंच पर उतरी थी। लेकिन यह ऐतिहासिक दिन इटली के लिए दुखद मोड़ भी लेकर आया।
मैच में टॉस जीतकर इटली के कप्तान वेन मैडसेन ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। स्कॉटलैंड के ओपनर जॉर्ज मुनसे शानदार लय में दिख रहे थे और लगातार रन बटोर रहे थे। पारी के चौथे ओवर में थॉमस ड्रैक की गेंद पर मुनसे ने मिड-विकेट की दिशा में शॉट खेला। गेंद को रोकने के प्रयास में मैडसेन ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाई, लेकिन वह ईडन गार्डन्स की प्रैक्टिस पिच पर गिर पड़े। इसी दौरान उनके कंधे में गंभीर चोट लग गई।
मैडसेन दर्द से कराह उठे। मेडिकल टीम तुरंत मैदान पर पहुंची, लेकिन स्थिति चिंताजनक थी। वह अपना हाथ सीधा नहीं कर पा रहे थे और अंततः मेडिकल स्टाफ के सहारे मैदान से बाहर ले जाया गया।
मैच से बाहर, वर्ल्ड कप पर भी संकट
बाद में जानकारी सामने आई कि मैडसेन के कंधे की हड्डी टूट गई है, जिसके चलते वह इस मैच में आगे हिस्सा नहीं ले सकेंगे। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि चोट की गंभीरता को देखते हुए उनके पूरे वर्ल्ड कप से बाहर होने की प्रबल आशंका है। हालांकि, इटली क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इटली के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं मैडसेन
वेन मैडसेन इटली की टीम के सबसे सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने लंबे समय तक इंग्लैंड में मेनस्ट्रीम क्रिकेट खेला है। अपने करियर में 253 फर्स्ट-क्लास मैचों में 17,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में उनके चोटिल होने से इटली के खेमे में दबाव साफ नजर आने लगा है।
दिलचस्प बात यह भी रही कि मैडसेन का वर्ल्ड कप डेब्यू देखने के लिए उनके ऑस्ट्रेलियाई पिता ईडन गार्डन्स में मौजूद थे। हालांकि यह खास पल परिवार और टीम दोनों के लिए निराशा में बदल गया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इटली का यह अनुभवी कप्तान टूर्नामेंट में वापसी कर पाएगा या वर्ल्ड कप का सफर यहीं खत्म हो जाएगा।