कोलकाता : निजी जीवन में टीम इंडिया के क्रिकेटर मोहम्मद शमी की परेशानियां फिर बढ़ गई हैं। इस बार उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है। गुजारा भत्ता और तलाक से जुड़े जो मामले कलकत्ता हाई कोर्ट में चल रहे हैं उन्हें दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग करते हुए हसीन ने आवेदन किया था। साथ ही उन्होंने गुजारा भत्ते की राशि 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह करने की मांग भी की है। इस मामले में जवाब तलब करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शमी और उनके परिवार को नोटिस जारी किया है।
मोहम्मद शमी और हसीन जहां के अलग रहने के बाद से उनकी बेटी हसीन के साथ ही रह रही है। इसके बाद हसीन ने शमी और उनके परिवार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। इस मामले में जून 2025 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि शमी हर महीने हसीन जहां को 4 लाख रुपये गुजारा भत्ता दें। इस 4 लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये हसीन के मासिक खर्च के लिए और शेष राशि नाबालिग बेटी के लिए निर्धारित की गई थी।
लेकिन इस 4 लाख रुपये से हसीन संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने मासिक गुजारा भत्ता 10 लाख रुपये करने की मांग की है। उनका आरोप है कि शमी अपनी बेटी को वंचित कर अपनी कथित मित्र की बेटी पर खर्च कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने गुजारा भत्ते की राशि बढ़ाने की मांग की।
गुजारा भत्ते के मामले की सुनवाई के दौरान हसीन ने सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर कर कोलकाता से मामला दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि वह अब दिल्ली में रहती हैं। बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने कोलकाता छोड़कर दिल्ली में स्थायी रूप से रहना शुरू कर दिया है। इसलिए आवाजाही की सुविधा के लिए उन्होंने मामला दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की। दूसरी ओर शमी अपने खेल के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करते रहते हैं ऐसे में उनके लिए दिल्ली में पेश होना मुश्किल नहीं है।