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'राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को कई बार फांसी दी जानी चाहिए’: केटी रामाराव के बेलगाम बोल

केटी रामाराव का यह बयान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की कड़ी आलोचना की थी।

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 05, 2026 16:49 IST

हैदराबाद (तेलंगाना): भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना की जनता को धोखा दिया है और इसके लिए उन्हें “कई बार फांसी” दी जानी चाहिए। यह बयान पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक वक्तव्य में दिया गया।

केटी रामाराव का यह बयान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की कड़ी आलोचना की थी। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया था कि नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर तेलंगाना के हितों को नुकसान पहुंचाया गया और सिंचाई परियोजनाओं के जरिए अवैध कमाई की गई, जिसके लिए उन्होंने कड़ी से कड़ी सजा और मृत्युदंड देने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री के इन बयानों पर पलटवार करते हुए केटी रामाराव ने कहा कि अगर टूटे हुए वादों को आधार बनाया जाए तो यह गिनना ही मुश्किल हो जाएगा कि कांग्रेस नेताओं को कितनी बार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ फैसला सुनाना चाहिए-खासकर इसलिए कि राहुल गांधी अशोक नगर अड्डा में दो लाख नौकरियों का वादा पूरा नहीं कर पाए, वारंगल में किसानों की कर्जमाफी लागू नहीं हुई और कामारेड्डी में पिछड़ा वर्ग (बीसी) को 42 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा भी निभाया नहीं गया।

केटीआर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “420 वादों से जनता को ठगने वाली कांग्रेस को जनता को 420 बार सजा देनी चाहिए।”

पार्टी के बयान के अनुसार केटीआर ने कहा कि रेवंत रेड्डी को केवल गाली-गलौज करना आता है, जबकि बीआरएस जरूरत पड़ने पर तीन-चार भाषाओं में जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति आईआईटी और आईआईआईटी में फर्क नहीं जानता या बछावत ट्रिब्यूनल और बृजेश कुमार ट्रिब्यूनल का अंतर नहीं समझता उसका तेलंगाना के भविष्य पर बोलना हास्यास्पद है।

उन्होंने आगे कहा कि जिसे यह तक नहीं पता कि कृष्णा बेसिन क्या है या गोदावरी बेसिन क्या है, वह यह भी नहीं समझ सकता कि तेलंगाना को वास्तव में क्या चाहिए। केटीआर ने राज्य सरकार को “अज्ञानता से भरा, शुतुरमुर्ग जैसी सोच वाला प्रशासन” बताते हुए कहा कि उसे लूट और उससे बचने के अलावा कुछ नहीं आता।

केटी रामाराव ने याद दिलाया कि केसीआर ऐसे नेता हैं जिन्होंने तेलंगाना की मुक्ति के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी थी। वे एक ऐसे महापुरुष हैं, जिन्होंने तेलंगाना के अस्तित्व के लिए अपने जीवन के अंत तक के बारे में सोचा। उन्होंने केसीआर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बंजर ज़मीन को उपजाऊ बनाया और उन इलाकों में जीवन लौटाया, जहां कभी मौत का सन्नाटा गूंजता था। ऐसे नेता के खिलाफ घमंड और नफरत से भरी भाषा बोलना तेलंगाना की जनता के दिलों में आग लगाने जैसा है।

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