नयी दिल्लीः देश भर में एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही सुबह प्रश्नकाल के दौरान पहले ही बाधित हुई थी, जब विपक्ष ने एलपीजी आपूर्ति संकट को उठाया और इस पर व्यापक चर्चा की मांग की। संसद पुनः शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने सदन को संबोधित करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सांसदों ने एलपीजी मुद्दे पर नारेबाजी जारी रखी।
सभापति और उपसभापति की अपील
लोकसभा की कार्यवाही का संचालन कर रही भाजपा सांसद संध्या राय (Sandhya Ray) ने विरोध कर रहे सदस्यों से बार-बार अनुरोध किया कि वे अपनी सीट पर लौटकर सदन को काम करने दें। सभापति ओम बिरला (Om Birla) ने भी कहा कि सभी सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे सदन की गरिमा और शालीनता बनाए रखें। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को चेतावनी दी कि अगर प्रश्नकाल को बाधित किया जाता रहा, तो सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ेगी।
इस स्थिति को देखते हुए कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पूरक अनुदान पर वित्त मंत्री का जवाब
स्थगित होने के बाद दोपहर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) पूरक अनुदान (Supplementary Demands for Grants) पर जवाब देंगी। 2025-26 के लिए ये अनुदान चर्चा का विषय हैं। वित्त मंत्री के जवाब के दौरान सदन में विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी रहने की संभावना है, क्योंकि एलपीजी संकट के मुद्दे पर विपक्षी दलों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
देशव्यापी एलपीजी संकट पर बहस
विपक्षी सांसदों ने देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी होने और सरकार के दावों को खारिज किया कि कोई संकट नहीं है, इस पर सवाल उठाए। हंगामे के दौरान सभापति ने कहा, “यह सभी का दायित्व है कि सदन की गरिमा और शालीनता को बनाए रखें। वर्तमान में जो आचरण हो रहा है, वह सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहा है।”
सदन में विरोधी दलों की मांग है कि एलपीजी आपूर्ति संकट पर विशेष चर्चा हो और सरकार स्पष्ट करे कि आम जनता तक सिलेंडर कैसे पहुँच रहे हैं।