नयी दिल्लीः भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के ढांचे को अंतिम रूप देते समय केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों और घरेलू कृषि हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि इस व्यापार समझौते में डेयरी उत्पादों के साथ-साथ फल, सब्जियां, मसाले और अन्य प्रमुख अनाजों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “किसान सुरक्षित होंगे, तभी देश विकसित होगा.. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी, फल, सब्जियां, मसाले और अन्य अनाजों को सुरक्षित रखा गया है। इससे घरेलू किसानों के हित सुरक्षित होंगे, स्थानीय कृषि को बड़े बाजार तक तरजीही पहुंच मिलेगी और यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने स्पष्ट रूप से उन कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान की है, जिनके आयात की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि घरेलू बाजार और किसानों को किसी तरह का नुकसान न हो।
इन सब्जियों के आयात पर रोक
संरक्षित सब्जियों में जमी हुई सब्जियां जैसे आलू, मटर, खीरा, बीन्स और अन्य दलहनी सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा अस्थायी रूप से संरक्षित सब्जियां-जैसे खीरा और मशरूम जैसी डिब्बाबंद सब्जियां भी आयात से बाहर रखी गई हैं।
डेयरी सेक्टर को पूरा संरक्षण
व्यापार समझौते में दूध (तरल, पाउडर, मीठा आदि), पनीर (मोज़रेला, ब्लू-वेंड, कद्दूकस या पाउडर), क्रीम, मक्खन, घी, दही, छाछ, व्हे उत्पाद और बटर ऑयल जैसे सभी प्रमुख डेयरी उत्पादों को सुरक्षा दी गई है।
अनाज और मोटे अनाज भी सुरक्षित
सरकार ने जिन अनाजों को संरक्षण दिया है, उनमें रागी, गेहूं, कोपरा, अमरंथ, सियामक, मक्का, बाजरा, चावल, जौ, ओट्स, ज्वार के साथ-साथ गेहूं, मक्का, चावल और मिलेट से बने आटे और सूजी शामिल हैं।
मसालों पर भी कोई रियायत नहीं
संरक्षित मसालों की सूची में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, तेजपत्ता, सरसों, राई, भूसी और अन्य पिसे हुए मसाले शामिल हैं।
हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत कई अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कुछ खाद्य एवं कृषि वस्तुओं-जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDG), पशु आहार के लिए रेड सॉरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स-पर आयात शुल्क को कम या समाप्त करेगा।
व्यापक आर्थिक सहयोग के तहत भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने की मंशा भी जताई है। दोनों देशों ने डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) समेत तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने और संयुक्त तकनीकी सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई है।
इसके अलावा डिजिटल ट्रेड से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और मजबूत, पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों की दिशा में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। दोनों पक्षों ने अंतरिम समझौते को जल्द लागू करने और भविष्य में एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है।