मध्य प्रदेश के भोपाल का कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत आखिरकार गिरफ्तार हो गया। करीब 20 सालों तक 14 राज्यों की पुलिस को चकमा देने के बाद वह सूरत क्राइम ब्रांच के जाल में फंसा।
शुक्रवार को गुजरात के सूरत शहर के लालगेट इलाके में गुप्त अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान पुलिस की बंदूक से एक भी गोली नहीं निकली।
कौन है रहमान डकैत?
आबिद अली की जिंदगी में किसी फिल्मी किरदार से कम नहीं है। पिछले 13-14 सालों से वह भोपाल के अमन नगर इलाके में रह रहा था। ‘ईरानी डेरा’ गैंग का सरगना राजू ईरानी सिर्फ भोपाल ही नहीं बल्कि पिछले 20 सालों में दिल्ली, हरियाणा, बंगाल और महाराष्ट्र सहित करीब 14 राज्यों में अपने अपराध का जाल फैला चुका था। जिंदगी भी बड़े ही ऐशो-आराम से कट रही थी। लूट के रुपयों से महंगी कारें, स्पोर्ट्स बाइक और यहां तक की अरबी घोड़े तक पालने का उसे शौक था।
अपराध करने का अनोखा तरीका
आबिद अली उर्फ रहमान डकैत के गैंग के अपराध करने के तरीका भी अलग था। कभी वे CBI अधिकारी बनते, कभी पुलिस, कभी साधु या ज्योतिषी बनकर लोगों को धोखा देते और लूट करते थे। हाईवे पर नकली पुलिस बैरिकेड लगाकर भी उन्होंने डकैती की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फिल्मों की तरह राजू भी बार-बार अपना नाम और पहचान बदलता रहता था। लेकिन इस बार वह पूरी तरह से फिल्मी अंदाज में ही पकड़ा गया।
कैसे फंसा पुलिस की जाल में?
पिछले महीने ही यह कुख्यात अपराधी पत्थरबाजी की आड़ में पुलिस से बचकर भाग गया था। उसने सूरत में अपने साले के घर में शरण ली थी। अक्षय खन्ना की फिल्म ‘धुरंधर’ देखकर उसने अपना रूप बदला और नाम रखा ‘रहमान डकैत’। लेकिन वह ज्यादा दिन नहीं बच सका। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वह वहां रहते हुए किसी बड़े अपराध की योजना बना रहा था। शुक्रवार को गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस बारे में सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि रहमान की गिरफ्तारी से कई पुराने और अधूरे मामलों को सुलझाने में मदद मिल सकती है। उससे पूछताछ में उसके गैंग और सहयोगियों के बारे में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। यह गिरफ्तारी सिर्फ सूरत पुलिस ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।