नए साल की शुरुआत में ही पर्यटकों के लिए दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) ने बड़ी खुशखबरी सुनाई है। पिछले कुछ समय से बंद पड़ी जंगल सफारी को एक बार फिर से DHR ने शुरू किया है। पर्यटक अब फिर से टॉय ट्रेन में सवार होकर जंगल सफारी पर जा सकेंगे।
जानकारी के अनुसार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर निजी कंपनी के सहयोग से इसे शुरू किया गया है। पर्यटक अब DHR जंगल सफारी की बुकिंग पैकेज सिस्टम से कर सकेंगे।
आइए इस बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं -
कब-कब करवायी जाएगी जंगल सफारी?
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल सप्ताह में दो दिन टॉय ट्रेन से जंगल सफारी करवायी जाएगी। शनिवार और रविवार को सप्ताहांत होने की वजह से पर्यटकों के साथ-साथ उत्तर बंगाल के स्थानीय निवासी भी इस सफारी का आनंद उठा सकेंगे। बताया जाता है कि जंगल सफारी की शुरुआत सिलीगुड़ी जंक्शन से होगी जो गयाबाड़ी तक करवायी जाएगी।
रास्ते में पर्यटकों को उत्तर बंगाल का प्रमुख वन्य संरक्षित क्षेत्र महानंदा देखने को मिलेंगे और अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो टॉय ट्रेन में बैठकर ही आपको जंगली हाथियों का समूह भी देखने को मिल सकता है। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि हिरण, जंगली बाइसन अथवा बाघ के दर्शन भी हो।
टॉय ट्रेन में सवार होकर इस खुशनुमान सफर की शुरुआत होगी। जंगली क्षेत्रों के अलावा चाय के बागानों की हरियाली का अनुभव भी आप इस जंगल सफारी के दौरान कर सकेंगे। इसके अलावा उत्तर बंगाल की शानदार खुबसूरती को समेटे हुए सुकना, रन्गटन्ग, पागलाझोरा, तीनधारिया जैसे इलाके भी आप टॉय ट्रेन में बैठे-बैठे ही देख सकेंगे।
सफारी की टाइमिंग और किराया
सुबह 10 बजे जंगल सफारी की टॉय ट्रेन पर्यटकों को लेकर सिलीगुड़ी जंक्शन से रवाना होगी जो सीधा गयाबाड़ी जाएगी। दोपहर में गयाबाड़ी में लंच करवाया जाएगा। शाम को पहाड़ी मोमो का स्वाद चखते हुए चाय या फिर अपनी पसंदीदा कॉफी की चुस्कियां भरें।
अगर आप महिला हैं और दार्जिलिंग की सोलो ट्रिप पर जाना चाहती हैं तो टॉय ट्रेन की जंगल सफारी आपके लिए एकदम सुरक्षित होगी। ट्रेन में महिला कर्मियों की तैनाती की गयी है ताकि महिला पर्यटक भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। शाम को गयाबाड़ी से वापसी होगी। किराया प्रति व्यक्ति ₹2200 निर्धारित किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में DHR जंगल सफारी की जिम्मेदारी संभाल रहे निजी कंपनी के प्रमुख संजय गोस्वामी के हवाले से बताया गया कि हर सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार को जंगल सफारी की सेवा उपलब्ध होगी। सिर्फ इतना ही नहीं सरकारी छुट्टी के दिन भी पर्यटक जंगल सफारी का आनंद उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि अगले 7 सालों के लिए कंपनी के साथ जंगल सफारी का संचालन करने के लिए करार किया गया है। इसका मतलब है कि अगले कम से कम 7 सालों तक उत्तर बंगाल में घूमने जाने वाले पर्यटकों को जंगल सफारी का आनंद उठाने का मौका मिलेगा।