आजकल सोशल मीडिया पर तेज J-लाइन और इंस्टेंट ग्लो पाने के लिए नए-नए ब्यूटी ट्रेंड्स वायरल होते रहते हैं। उनमें से एक है फेशियल ड्राई ब्रशिंग। यह एक प्राकृतिक स्किनकेयर तरीका है। जिसमें चेहरे की मृत त्वचा हटाने और रक्त संचार बढ़ाने के लिए मुलायम, सूखे ब्रश का इस्तेमाल किया जाता है।
ड्राई ब्रशिंग त्वचा को एक्सफोलिएट करता है, चेहरे की रंगत को ताजा बनाता है और हल्की कसावट ला सकता है। हालांकि इससे जॉलाइन की शेप पूरी तरह से नहीं बदलती।
गुआ शा और ड्राई ब्रशिंग में अंतर :
गुआ शा : कई लोग इसे गुआ शा के समान समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग हैं।गुआ शा तेल या सीरम के साथ पत्थर के औजार से मसाज की जाती है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स और लसीका वाहिका को साफ करने में मदद करता है। इसलिए अगर मकसद केवल त्वचा की चमक और हल्की कसावट चाहिए तो ड्राई ब्रशिंग उपयुक्त है।
ड्राई ब्रशिंग: सूखी त्वचा पर ब्रश से ऊपर की ओर स्ट्रोक देकर एक्सफोलिएशन और रक्त संचार बढ़ाने में मदद करता है।
मृत त्वचा कोशिकाएं हटकर त्वचा चिकनी और चमकदार बनती है। हल्के स्ट्रोक से रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे प्राकृतिक ग्लो आता है। लसीका जल निकासी में मदद मिलती है जिससे सूजन कम हो सकती है। कुछ लोगों को ब्रशिंग के बाद चेहरे में हल्की कसावट महसूस हो सकती है, लेकिन यह जॉलाइन को स्थायी रूप से शार्प नहीं करता।
सावधानियां
बहुत कड़ा ब्रश या ज्यादा दबाव त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग जलन या खुजली महसूस कर सकते हैं। मुंहासे, एक्जिमा या खुले घाव वाले लोग ड्राई ब्रशिंग बिल्कुल न करें। गंदे ब्रश से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है इसलिए हमेशा साफ ब्रश इस्तेमाल करें।
सही तरीका
चेहरे के लिए खास सॉफ्ट ब्रश चुनें। चेहरा और ब्रश दोनों पूरी तरह से सूखे हों। हल्के स्ट्रोक से गर्दन से शुरू कर जॉलाइन और गालों तक ऊपर की ओर ब्रश करें। आंखों के पास और घाव वाले हिस्सों से बचें। 1–2 मिनट तक ब्रश करें, सप्ताह में 2–3 बार पर्याप्त है। अंत में हल्के फेस वॉश से चेहरा धोएं और मॉइस्चराइजर लगाएं।
फेशियल ड्राई ब्रशिंग एक आसान और किफायती तरीका है जो चेहरे की त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करता है। हालांकि इससे जॉलाइन पूरी तरह शार्प नहीं होती। सावधानीपूर्वक और सही तकनीक से इसका लाभ उठाया जा सकता है।