पांव शरीर का आधार माने जाते हैं। पैरों पर ही पूरे शरीर का भार होता है। इसलिए पैरों का ख्याल बहुत जरूरी होता है। सर्दियों में फटी एड़ियों की समस्या आम होती है। इस समस्या से सबसे ज्यादा महिलाएं ही जुझती हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही शरीर में नमी की कमी, विटामिन की कमी, डायबटी, थायराईड, शरीर में मोटापे तथा 60 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग के लोगों को फटी एड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ता है।
हवाई चप्पल या खुले जूतों का प्रयोग करने से भी एड़ियां फट सकती है। एड़ियों में गहरी दरार पड़ जाने से कई बार असहनीय पीड़ा भी होती है।
ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन का कहना है कि कुछ प्राकृतिक उपायों से फटी एड़ियों से छुटकारा पाया जा सकता है -
- त्वचा में यौवनता तथा ताजगी बनाए रखने के लिए सप्ताह में एक बार घर में फुट ट्रीटमेंट जरूर लें। हल्के गुनगुने पानी में पैरों को डुबोने से एड़ियों की त्वचा मुलायम हो जाती है। इससे मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है।
- एड़ियों की उचित देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए नहाने से पहले अपने पैरों में शुद्ध बादाम तेल की रोजाना मालिश कीजिए।
- नहाने के बाद जब पैर गीले हों तो क्रीम लगाएं। इससे पैरों और एड़ियों में नमी बरकरार रहेगी।
- फुट क्रीम से पैरों की सर्कुलर मोशन में हल्की-हल्की मालिश कीजिए। इससे आपके पैर मुलायम बने रहेंगे और फटी एड़ियों की समस्या नहीं आएगी।
रसोई में है फटी एड़ियों का इलाज
शहद एंटी बैकटीरियल तथा एंटी माइक्रोबियल गुण विद्यमान होते हैं जो कि फटी एड़ियों को साफ करके इनका प्राकृतिक उपचार कर सकते हैं। पांच लीटर गुनगुने पानी में एक कप शहद मिलाकर इसमें 20 मिनट तक पैरों को डुबोकर रखें। इससे पैरों में कोमलता आती है। आप शहद को फुट मास्क की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
नींबू को काटकर इसका आधा भाग लेकर इसपर चीनी लगाएं। अब इसे अपनी एड़ियों पर धीरे-धीरे रगड़ें। बाद में एड़ियों को साफ ताजे पानी से धो लीजिए। इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार जरूर करें।
रात को साने से पहले गर्म पानी में नमक डालकर अपने पैरों को आधा घण्टा तक भीगो कर रखें। इससे आपकी एड़ियों की त्वचा मुलायम हो जाएगी तथा इसके बाद बाथिंग स्पंज से रगड़कर एड़ियों से मृत कोशिकाओं को धीरे-धीरे हटा दीजिए।
कभी भी धातू के स्पंज का इस्तेमाल मत कीजिए क्योंकि इससे एड़ियों के घाव गहरे हो सकते हैं। पैर धोने के बाद त्वचा पर क्रीम की मालिश जरूर करें। नींबू तथा हल्दी के गुणों वाली क्रीम सबसे बेहतर होते हैं।
रात को सोने से पहले फटी एड़ियों को नर्म सूती के कपड़े से पट्टी बनाकर बांध लें। इससे फटी एड़ियों के घाव को भरने में मदद मिलती है।
फटी एड़ियों के इलाज में तेलों का महत्व
फटी एड़ियों के लिए नारियल तेल रामबाण की तरह काम करता है। इससे त्वचा की नमी बरकरार रहती है। नारियल तेल त्वचा में नमी बरकरार रखने के अलावा त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में भी मददगार साबित होता है। रात को सोने से पहले नारियल तेल से त्वचा की मालिश करने से सुबह आपके पैर कोमल तथा मुलायम बन जाएंगे। यदि आप फटी एड़ियों की समस्या से जूझ रहे हैं तो दिन में दो बार नारियल तेल से पैरों की मालिश जरूर करें।
फटी एड़ियों पर जैतून का तेल भी काफी प्रभावी माना जाता है। सप्ताह में दो बार जैतून के तेल की ट्रीटमेंट से काफी फायदा मिलता है। जैतून का गर्म तेल रुई के बॉल पर लेकर धीरे-धीरे पैरों में गोलाकार तरीके से लगाने से त्वचा तेल को सोख लेगी। उसके बाद पैरों में सूती का नर्म व पतला कपड़ा बांध लें। थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो डालिए।
तिल का तेल फटी एड़ियों को पोषण तथा नमी प्रदान करता है। तिल के तेल में एंटी फंगल गुण होने के अलावा विटामिन, मिनरल तथा न्यूटरीऐंटस विद्यमान होते हैं। पैरों में तिल के तेल से हल्की-हल्की मालिश के बाद पैरों को सामान्य पानी में धो लें। फटी एड़ियों का प्राकृतिक उपचार तिल के तेल से मालिश को माना जाता है।