चटगांव: चटगांव की एक कोर्ट ने सनातनी जागरण जोटे के प्रवक्ता चिन्मयकृष्ण दास ब्रह्मचारी समेत 23 आरोपियों पर वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या का आरोप तय किया है।
26 नवंबर, 2024 को देशद्रोह के एक मामले में चिन्मयकृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी और उन्हें जेल भेजा गया था। उनके जेल भेजे जाने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। पुलिस का आरोप है कि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकील सैफुल इस्लाम पर हमला हुआ और उनकी मौत हो गई।
सोमवार 19 जनवरी को चटगांव स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल (जिला और सत्र न्यायाधीश) मोहम्मद जाहिदुल हक ने आरोप तय किए। आरोपियों को सुबह 9:45 बजे जेल से पुलिस प्रिज़न वैन में कोर्ट में लाया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुल 39 लोग आरोपित हैं, जिनमें से 16 अभी भी फरार हैं। चार्जशीट की सुनवाई के दौरान कोर्ट बिल्डिंग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। टेरी बाजार, लालदिघीर पार, जेल रोड, कोटवाली मोड़, जहूर हॉकर मार्केट, हजारी गोली और के.सी. डे रोड समेत कई इलाकों में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया।
सुबह 8:30 बजे तक पुलिस ने कोर्ट बिल्डिंग के मेन गेट पर बैरिकेडिंग कर दी थी। वकीलों, कोर्ट स्टाफ और मीडिया को उनके आइडेंटिटी कार्ड दिखाने पर ही अंदर जाने की अनुमति मिली।
इस घटना ने चटगांव में कानून और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशद्रोह मामले में पहले जेल भेजे जाने वाले ब्रह्मचारी और अन्य आरोपियों की चार्जशीट सुनवाई अब कोर्ट में शुरू हो गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।