सागरद्वीपः मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गंगासागर में बुधवार सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। त्रेता युग में स्वर्ग से उतरी गंगा ने सागर तट पर स्थित कपिल मुनि के आश्रम के पास भस्म हुए राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को स्पर्श कर जिस शुभ मुहूर्त में मोक्ष दिया था, उसी शुभ मुहूर्त में सदियों से गंगासागर स्नान की परंपरा है।
पुण्य स्नान के शुभ मुहूर्त में देश-दुनिया से पहुंचे तीर्थयात्रियों का गंगासागर में सैलाब उमड़ पड़ा है। राज्य सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन एक अंदाजा है कि करीब 15 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है। यानी एक जनवरी से 14 जनवरी की शाम तक आंकड़ा 90 लाख के करीब पहुंचने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कपिल मुनि आश्रम के महंत ज्ञान दास ने बताया है कि आज बुधवार रात 9:19 सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद पुण्य स्नान की शुरुआत होगी। पुण्य स्नान दोपहर 1:19 बजे से शुरु होगा और यह गुरुवार दोपहर 1:19 तक जारी रहेगा। इसीलिए मूल रूप से गुरुवार सुबह ही मकर संक्रांति का पुण्य स्नान अधिक होगा। वहीं कई तीर्थयात्रियों का कहना है कि वे गंगासागर हर साल आते हैं, इस साल की व्यवस्था काफी अच्छी है। सुरक्षा के भी इंतजाम पहले से बेहतर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार और दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की सराहनीय भूमिका देखी जा रही है।
सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था
श्रद्धालुओं ने बुधवार भोर 4 बजे से ही गंगा-सागर संगम पर स्नान प्रारंभ कर दिया है। सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच सुबह होते ही श्रद्धालु अपने-अपने शिविरों से निकलकर संगम तट पर पहुंचे और गंगा व सागर के मिलन स्थल पर आस्था की डुबकी लगाई। पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड के साथ-साथ नौसेना और तटरक्षक बल के 10 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।