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RBI का निर्णय: ब्याज दर 5.25% पर स्थिर, अमेरिकी ट्रेड डील ने बढ़ाया भरोसा

भारतीय रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया।

By राखी मल्लिक

Feb 06, 2026 12:43 IST

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपनी मुख्य ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया। यह फैसला पहले से ही अनुमान के अनुसार था। क्योंकि महंगाई नियंत्रण में है और बजट में सरकार के बढ़े खर्च तथा अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद आयात शुल्क का दबाव कम होने से आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं।

RBI की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया। साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपना न्यूट्रल नीति रुख भी बरकरार रखा, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है।

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और बाजारों पर बना एक बड़ा दबाव कम हुआ है। MPC के फैसलों की जानकारी देते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन अमेरिका के साथ सफल व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।

फरवरी 2025 से अब तक RBI कुल 125 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती कर चुका है, जो 2019 के बाद की सबसे आक्रामक कटौती मानी जा रही है। पिछली बैठक दिसंबर में भी 25 आधार अंकों की कटौती की गई थी। हालांकि महंगाई अभी नियंत्रण में है और आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।

गवर्नर ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। विकास दर अच्छी है और महंगाई कम बनी हुई है। महंगाई तय सीमा से नीचे है और आगे भी इसके कम रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुए बड़े व्यापार समझौते और अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में प्रगति से विकास की गति लंबे समय तक बनी रह सकती है।

चालू वित्त वर्ष में महंगाई औसतन 2 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है, जो RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य से कम है। वहीं 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष के लिए GDP वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

RBI ने अगले वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों के लिए विकास दर का अनुमान बढ़ाकर अप्रैल-जून के लिए 6.9 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर के लिए 7 प्रतिशत कर दिया है। पूरे साल का अनुमान अप्रैल में जारी किया जाएगा, क्योंकि नया GDP डेटा सीरीज इसी महीने आएगा।

अतिरिक्त घोषणाएं :

गलत बिक्री, ऋण वसूली और रिकवरी एजेंटों से जुड़े नियमों पर तीन मसौदा दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। अनधिकृत डिजिटल बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की जिम्मेदारी सीमित करने पर भी दिशा-निर्देश आएंगे। छोटे धोखाधड़ी मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव। डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए एक चर्चा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल हो सकते हैं।

MSME को बिना गारंटी ऋण की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव। बैंकों को REITs को ऋण देने की अनुमति। कुछ NBFCs को पंजीकरण और शाखा खोलने की पूर्व अनुमति से छूट। वित्तीय बाजारों के लिए RBI ने वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत निवेश की 2.5 लाख करोड़ रुपये की सीमा हटाने का प्रस्ताव किया है।

कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा कि MPC का फैसला पूरी तरह बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। हालांकि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए महंगाई अनुमान को थोड़ा बढ़ाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर रुपये से महंगाई पर दबाव आ सकता है। जिससे भविष्य में ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश सीमित हो सकती है।

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