नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि यह समझौता देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। इसे आमतौर पर “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जाता है। गोयल ने बताया कि इस FTA से अगले पांच साल में भारत के यूरोप में होने वाले एक्सपोर्ट को दोगुना होने की संभावना है। उन्होंने इसे एक मां से जोड़कर कहा कि यह “दयालु और प्यार करने वाली” होगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उसके सभी 28 बच्चों-भारत और EU के 27 सदस्य देश-इस समझौते से लाभान्वित हों।
मंत्री ने कहा कि भारत पहले से ही EU को सामान और सर्विस दोनों के एक्सपोर्ट में ट्रेड सरप्लस बनाए हुए है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, FTA लागू होने के पहले दिन से ही भारत के 99 प्रतिशत एक्सपोर्ट को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इससे भारत के आउटबाउंड शिपमेंट अगले पांच साल में दोगुने होने की उम्मीद है। 2024-25 में भारत का सामान एक्सपोर्ट USD 76 बिलियन और सर्विस एक्सपोर्ट USD 46 बिलियन था।
गोयल ने घरेलू बिजनेस को भी अवसर का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन्वेस्टमेंट बढ़ाना, कैपेसिटी बढ़ाना और बड़े घरेलू मार्केट की सुविधा का लाभ उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखना चाहिए।
गोयल ने कहा, “यह मां न तो बहुत सख्त होगी और न ही नरम। यह मां दयालु और प्यार करने वाली होगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उसके सभी बच्चे-भारत और EU के 27 देश-इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाएं।”
उन्होंने कहा कि EU के साथ FTA में कंज्यूमर सबसे बड़े स्टेकहोल्डर होंगे और उनके लिए सामान सस्ता होना चाहिए।
जहां तक अमेरिका के साथ डील का सवाल है, गोयल ने कहा कि भारत इसे “सभी डील्स के पिता” की तरह जल्दी पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत का USD 2 ट्रिलियन एक्सपोर्ट टारगेट 2032 तक पूरा हो सकेगा।