नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते को लेकर भारतीय उद्योग जगत उत्साहित है। India Inc इसे एक “लक्ष्यपूर्ण और रणनीतिक” कदम मान रहा है जो भारत की वैश्विक व्यापार और निवेश क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
Bharti Enterprises के फाउंडर और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने समझौते को “लंबे समय से प्रतीक्षित और परिवर्तनकारी” करार दिया। मित्तल के अनुसार, यह निवेश और विकास के विशाल अवसर खोलेगा। यह संकेत देता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क में अब एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि यह कदम यह दिखाता है कि धीरे-धीरे, लेकिन सोच-समझकर काम करने का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश लंबे समय के लिए प्राकृतिक साझेदार बन रहे हैं। इस समझौते से रणनीतिक अलाइनमेंट मजबूत होगा।
RP-Sanjiv Goenka Group के चेयरमैन संजिव गोयनका ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत-फर्स्ट दृष्टिकोण साफ झलकता है। यह देश के आर्थिक हितों को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ा रहा है।
RPG Group के चेयरपर्सन हर्ष गोयनका ने इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि पहले यूरोप के साथ ‘Mother of All Deals’, अब अमेरिका के साथ ‘Father of All Deals’ धैर्य और रणनीति का परिणाम है।
Aditya Birla Group के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में कमी से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में मजबूती आएगी और यह दोनों देशों के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए सकारात्मक है।
Goldman Sachs ने भी सकारात्मक संकेत दिए। अपनी रिपोर्ट में कंपनी ने बताया कि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके आधार पर 2026 के लिए भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 6.9% तक बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता सिर्फ व्यापार के अवसर ही नहीं खोलता बल्कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय तक स्थिर और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती देता है। उद्योग जगत का मानना है कि यह कदम भारत की वैश्विक आर्थिक प्रतिष्ठा को नई दिशा देगा और विदेशी निवेश आकर्षित करेगा।