कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला के लिए हासो और हासी को आधिकारिक शुभंकर (मैस्कॉट) के रूप में प्रस्तुत किया गया है। हासो नर पात्र है और हासी मादा पात्र। इन दोनों की शुरुआत पिछले वर्ष आयोजित 48वें इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर से की गई थी। इस शुभंकर की परिकल्पना पब्लिशर्स एंड बुक सेलर्स गिल्ड और सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी के सहयोग से की गई।
आयोजकों का मानना है कि किसी भी बड़े आयोजन या अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए एक शुभंकर होना आवश्यक होता है। इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर एक ऐसा विशाल आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसी सोच के तहत बुक फेयर के लिए एक आधिकारिक मैस्कॉट को शुरू किया गया, ताकि मेले की एक अलग पहचान बन सके और लोगों से भावनात्मक जुड़ाव हो।
हासो – हासी के परिधान हर साल पुस्तक मेले की ऑफिशियल फोकल कंट्री के अनुसार बदले जाते हैं। इस वर्ष 49वें इंटरनेशनल कोलकाता पुस्तक मेले की फोकल कंट्री अर्जेंटीना है इसलिए अर्जेंटीना के झंड़े के रंग में हासो – हासी का ड्रेस ब्लू और व्हाइट रंग का रखा गया है।
हासो – हासी का चेहरा और स्वरूप ज्ञान की देवी सरस्वती के वाहन हंस से प्रेरित है। चूंकि पुस्तक मेला शिक्षा, पढ़ाई और किताबों से जुड़ा आयोजन है, इसलिए इस प्रतीक को चुना गया। हास्सो – हास्सी का यह जोड़ा पुस्तक मेले में नई ऊर्जा और आकर्षण जोड़ने का काम कर रहा है।