नई दिल्ली : वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में छंटनी का सिलसिला 2026 में भी जारी है। इस साल के पहले तीन महीनों में ही टेक इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच दुनिया भर की करीब 80 तकनीकी कंपनियों ने लगभग 70,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। यह आंकड़ा layoffs.fyi द्वारा जुटाए गए डेटा पर आधारित है।
हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में छंटनी की रफ्तार कुछ धीमी दिखाई दे रही है लेकिन यह साफ संकेत है कि तकनीकी उद्योग अभी भी बड़े संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
बड़ी कंपनियों में भी छंटनी का असर
इस साल छंटनी करने वाली प्रमुख कंपनियों में Oracle, Meta और GoPro जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
Oracle ने 2026 में अब तक सबसे बड़ी छंटनी की है। मार्च महीने में ही कंपनी ने लगभग 30,000 कर्मचारियों को हटाया। कंपनी अब अपने पुराने ऑपरेशंस को कम कर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज सर्विसेज पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
Meta ने अप्रैल में करीब 200 कर्मचारियों की छंटनी की। इससे पहले भी कंपनी कई दौर में नौकरियां घटा चुकी है। कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेटावर्स प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा निवेश कर रही है।
GoPro ने अपने कुल कर्मचारियों में लगभग 23 प्रतिशत यानी करीब 145 लोगों को नौकरी से हटाया है। मांग में गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को इसका कारण बताया गया है।
इसके अलावा कई अन्य कंपनियां भी छंटनी की राह पर हैं, जिनमें Pendo, Bolt, Epic Games और Zendesk शामिल हैं।
क्या है छंटनी के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियां लागत कम करने, बिजनेस मॉडल को फिर से संरचित करने और नई तकनीकों—खासकर AI की ओर तेजी से बढ़ने के कारण कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। इसका असर कंज्यूमर टेक, फाइनेंस और मीडिया सेक्टर तक भी पहुंच रहा है।
वैश्विक असर और भारत पर प्रभाव
इस छंटनी का सबसे अधिक असर ग्लोबल टेक हब्स जैसे सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क और सिएटल में देखने को मिला है। भारत के बेंगलुरु जैसे आईटी हब भी इससे अछूते नहीं रहे हैं।
इसी बीच यह भी खबर आई थी कि 2026 में मई महीने में Amazon बड़े पैमाने पर छंटनी कर सकती है, हालांकि कंपनी ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इन्हें गलत और निराधार बताया है।
पिछले वर्ष यानी 2025 में भी आईटी सेक्टर में भारी छंटनी देखने को मिली थी, जब 271 कंपनियों ने मिलकर 1 लाख 24 हजार 201 कर्मचारियों की नौकरी खत्म की थी। ऐसे में 2026 की शुरुआत के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि टेक इंडस्ट्री में अस्थिरता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।